
लखनऊ। प्रदेश में मौसम एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 29 मार्च से 1 अप्रैल के बीच उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। इससे पहले सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में बूंदाबांदी और हल्की वर्षा दर्ज की गई, जिसके कारण अधिकतम तापमान में औसतन 3 से 6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट देखने को मिली।
हालांकि, यह मौजूदा मौसम प्रणाली अब कमजोर पड़ रही है, जिसके चलते 28 और 29 मार्च के दौरान तापमान में फिर से बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है। अनुमान है कि इन दो दिनों में अधिकतम तापमान में लगभग 3 से 6 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि हो सकती है। इससे लोगों को दिन में हल्की गर्मी का एहसास हो सकता है, लेकिन यह स्थिति ज्यादा लंबे समय तक नहीं रहेगी।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 29 मार्च की देर शाम या रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसके प्रभाव से प्रदेश में फिर से मौसम का मिजाज बदलेगा। इसके चलते कई जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा होने के आसार हैं। यह बारिश का सिलसिला मार्च के अंत तक जारी रह सकता है और कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश भी हो सकती है।
इस नए सिस्टम के प्रभाव से अधिकतम तापमान में दोबारा 3 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है। इसके साथ ही न्यूनतम तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। रात के तापमान में करीब 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बदलाव दर्ज किया जा सकता है, जिससे सुबह और रात के समय हल्की ठंडक महसूस हो सकती है।
मौसम विभाग ने किसानों के लिए विशेष सलाह जारी की है। बदलते मौसम और संभावित बारिश को देखते हुए किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी गई है। खासकर कटाई के लिए तैयार फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखने और खेतों में जलभराव से बचाव के उपाय करने की जरूरत बताई गई है।
वहीं, आम लोगों को भी मौसम में अचानक हो रहे बदलाव को ध्यान में रखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार तापमान में तेजी से हो रहे उतार-चढ़ाव का असर सेहत पर पड़ सकता है, इसलिए आवश्यक सावधानी बरतना जरूरी है।
कुल मिलाकर, मार्च के अंतिम दिनों में प्रदेश में मौसम अस्थिर बना रहेगा, जहां कभी गर्मी तो कभी बारिश का असर देखने को मिलेगा।