विश्व होम्योपैथी दिवस पर आयुष मंत्री ने दिया संदेश: केमिकल-साईड इफेक्ट फ्री इलाज से जुड़ने की अपील

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के आयुष राज्यमंत्री डॉ दयाशंकर मिश्रा “दयालु” ने लोगों को केमिकल और साईड इफेक्ट फ्री इलाज से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में सुरक्षित, असरदार और प्राकृतिक इलाज की बढ़ती मांग के बीच होम्योपैथी एक भरोसेमंद विकल्प बनकर उभर रही है।

होम्योपैथी की उपयोगिता और महत्व

10 अप्रैल को विश्व होम्योपैथिक दिवस के अवसर पर आयुष मंत्री डॉ दयाशंकर मिश्रा “दयालु” ने होम्योपैथी की उपयोगिता और महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि होम्योपैथी न केवल एक उपचार पद्धति है, बल्कि यह शरीर की आंतरिक रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का माध्यम भी है। इसका मूल सिद्धांत “Similia Similibus Curentur” यानी जैसा रोग, वैसी ही दवा है, जो व्यक्ति को जड़ से स्वस्थ करने की दिशा में कार्य करता है.

होम्योपैथी एक प्रभावी और सुरक्षित विकल्प

आयुष मंत्री डॉ दयाशंकर मिश्रा “दयालु” ने कहा कि आज के समय में जब लोग साइड इफेक्ट-फ्री और केमिकल-फ्री इलाज की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं, तब होम्योपैथी एक प्रभावी और सुरक्षित विकल्प के रूप में सामने आ रही है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे इस पद्धति के प्रति जागरूकता बढ़ाएं और प्राकृतिक जीवनशैली को अपनाते हुए स्वस्थ भारत के निर्माण में योगदान दें।“प्राकृतिक अपनाएं… स्वस्थ जीवन पाएं”।