पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत के मामले में पुलिस ने मंगेतर सिया गोयल और चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया है। जांच में कॉल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और कथित साजिश से जुड़े कई अहम खुलासे सामने आए हैं।

नई दिल्ली/अमर भारती। महाराष्ट्र के पुणे में 25 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत का मामला अब देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। शुरुआत में इसे ट्रेकिंग के दौरान हुई दुर्घटना माना गया था, लेकिन पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों के बाद मामला कथित हत्या की साजिश में बदल गया।इस मामले में पुलिस ने केतन की मंगेतर सिया गोयल (20) और चेतन चौधरी (22) को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों का दावा है कि दोनों ने मिलकर केतन की हत्या की योजना बनाई थी और उसे लोहागढ़ किले की खाई में धक्का देकर मौत के घाट उतार दिया।
18 जून को क्या हुआ था?
पुलिस के अनुसार, 18 जून को सिया गोयल के जन्मदिन से एक दिन पहले उसने केतन अग्रवाल को लोहागढ़ किले पर ट्रेकिंग के लिए चलने को कहा। दोनों सुबह करीब 8:30 बजे गहुंजे स्थित घर से निकले और लगभग 9:30 बजे किले की तलहटी में पहुंचे। जांचकर्ताओं का दावा है कि चेतन चौधरी पहले ही वहां पहुंच चुका था और एक सुनसान स्थान पर दोनों का इंतजार कर रहा था। पुलिस का कहना है कि कथित साजिश के तहत ऐसी जगह चुनी गई थी जहां लोगों की आवाजाही बेहद कम हो।
सीसीटीवी फुटेज से मिला अहम सुराग
जांच में मिले सीसीटीवी फुटेज में केतन और सिया को एक साथ चलते हुए देखा गया। पुलिस के अनुसार, उनसे कुछ दूरी पर एक तीसरा व्यक्ति भी दिखाई देता है, जिसने तेज गर्मी के बावजूद हुडी और शॉर्ट्स पहन रखे थे। जांचकर्ताओं का दावा है कि यही व्यक्ति चेतन चौधरी था। उसने कथित तौर पर अपनी पहचान छिपाने के लिए हुड और हेडसेट का इस्तेमाल किया था।
400 फीट गहरी खाई में धक्का देने का आरोप
पुलिस का आरोप है कि सुबह करीब 10:30 बजे सिया गोयल और चेतन चौधरी ने केतन अग्रवाल को लोहागढ़ किले की एक सुनसान चट्टान से लगभग 400 फीट गहरी खाई में धक्का दे दिया। रेस्क्यू टीम और लोनावला ग्रामीण पुलिस ने करीब तीन घंटे तक चले अभियान के बाद शव को बरामद किया। शुरुआती स्तर पर इसे दुर्घटना माना गया था।
क्या पहले भी हुई थी हत्या की कोशिश?
जांच एजेंसियों का दावा है कि केतन अग्रवाल को नुकसान पहुंचाने की कोशिश पहले भी कई बार की गई थी।
31 मई: पहली कथित कोशिश
पुलिस के अनुसार, पहली बार 31 मई को लोहागढ़ किले पर केतन को खाई की ओर धक्का दिया गया था। हालांकि वह झाड़ियों में गिरने के कारण बच गया।
4 जून: दूसरी कथित कोशिश
जांचकर्ताओं का कहना है कि दूसरी योजना उस समय विफल हो गई जब केतन की मां ने उसे किले पर जाने की अनुमति नहीं दी।
14 जून: तीसरी कथित कोशिश
पुलिस के मुताबिक, तीसरी बार भी योजना बनाई गई, लेकिन किले पर अधिक भीड़ होने के कारण कथित साजिश को अंजाम नहीं दिया जा सका।
मोबाइल ट्रैकिंग से बचने की कोशिश?
पुलिस का दावा है कि चेतन चौधरी ने अपना मोबाइल फोन पुणे के मार्केट यार्ड स्थित दुकान पर छोड़ दिया था। जांचकर्ताओं के अनुसार, उसने ट्रैकिंग से बचने के लिए अपने एक कर्मचारी का फोन इस्तेमाल किया। पुलिस उस कर्मचारी से भी पूछताछ कर रही है, जिसका मोबाइल कथित तौर पर उपयोग में लाया गया था।
2,004 कॉल और 238 घंटे की बातचीत
मामले की जांच में कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, सिया गोयल और चेतन चौधरी पिछले छह महीनों में 2,004 बार फोन पर बात कर चुके थे। जांच एजेंसियों का दावा है कि दोनों के बीच लगभग 238 घंटे तक बातचीत हुई। इसके अलावा, पुलिस का आरोप है कि घटना से एक दिन पहले दोनों ने पुणे के एक कैफे में मुलाकात कर कथित योजना को अंतिम रूप दिया था।
ऑनलाइन सर्च हिस्ट्री भी जांच के दायरे में
जांचकर्ताओं का दावा है कि आरोपियों ने इंटरनेट पर हत्या के विभिन्न तरीकों की जानकारी जुटाई थी। पुलिस के अनुसार, ऑनलाइन सर्च रिकॉर्ड और डिजिटल गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। हालांकि इन दावों की अंतिम पुष्टि अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
हादसे से हत्या तक कैसे पहुंची जांच?
शुरुआत में केतन अग्रवाल की मौत को दुर्घटना मानते हुए मामला दर्ज किया गया था। लेकिन पुलिस को बाद में ऐसे डिजिटल और परिस्थितिजन्य साक्ष्य मिले, जिनके आधार पर हत्या का मामला दर्ज किया गया। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों का आमना-सामना भी कराया गया। पुलिस का दावा है कि दोनों ने एक-दूसरे पर हत्या की साजिश रचने के आरोप लगाए। 23 जून को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था और फिलहाल मामले की जांच जारी है।
अब आगे क्या?
पुलिस डिजिटल साक्ष्य, कॉल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर चार्जशीट तैयार कर रही है। मामले में जुटाए गए सभी सबूत अदालत में पेश किए जाएंगे, जिसके बाद न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। फिलहाल यह मामला महाराष्ट्र के चर्चित आपराधिक मामलों में शामिल हो चुका है और हर नए खुलासे के साथ इस पर लोगों की नजर बनी हुई है।
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