तमिलनाडु में AIADMK को बड़ा झटका लगा है। पूर्व मंत्री डॉ. सी. विजयभास्कर और एमआर विजयभास्कर 15 हजार समर्थकों के साथ TVK में शामिल होने जा रहे हैं।

नई दिल्ली/अमर भारती। तमिलनाडु की राजनीति में गुरुवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला, जब AIADMK के दो पूर्व मंत्री डॉ. सी. विजयभास्कर और एमआर विजयभास्कर अपने लगभग 15 हजार समर्थकों और पार्टी पदाधिकारियों के साथ तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) में शामिल होने जा रहे हैं। इसे TVK के गठन के बाद पार्टी में शामिल होने वाला अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक समूह माना जा रहा है।
चेन्नई के पास मल्लापुरम स्थित एक निजी होटल में आयोजित कार्यक्रम में TVK के वरिष्ठ नेता एन. आनंद और अधव अर्जुन इन नेताओं और उनके समर्थकों का औपचारिक स्वागत करेंगे। इस शक्ति प्रदर्शन को आगामी विधानसभा चुनावों से पहले TVK के लिए अहम राजनीतिक बढ़त के रूप में देखा जा रहा है।
कई पूर्व मंत्री और विधायक भी बदलेंगे पाला
TVK में शामिल होने वाले नेताओं की सूची काफी लंबी है। इसमें तिरुचिरापल्ली की पूर्व मंत्री एस. वलारमथी, तिरुपुर के पूर्व मंत्री एम.एस.एम. आनंदन, पूर्व विधायक मनराज (श्रीविल्लिपुत्तूर), एम. रामकुमार (कुंभकोणम), राजावर्मन (तिरुचिरापल्ली), सत्यन प्रभाकर (परमाकुडी) और थिरुग्ननसंबंधनम (पेरावुरानी) जैसे कई प्रमुख चेहरे शामिल हैं।
इसके अलावा पुडुकोट्टई के पी.के. वैरामुथु, पेरम्बलुर के इलामबाई तमिलसेल्वन, तंजावुर के ओराथानाडू एम. सेकर और तिरुचिरापल्ली के श्रीनिवासन सहित कई जिला स्तरीय नेता भी TVK का दामन थाम रहे हैं। खास बात यह है कि AIADMK के 208 पूर्व यूनियन सचिव भी इस राजनीतिक बदलाव का हिस्सा बन रहे हैं।
15 हजार समर्थकों का शक्ति प्रदर्शन
आयोजकों के अनुसार, करूर, पुडुकोट्टई और तमिलनाडु के अन्य जिलों से करीब 15 हजार पदाधिकारी और समर्थक कार्यक्रम में पहुंचे हैं। बताया जा रहा है कि ये लोग लगभग 200 बसों और 600 से अधिक कारों के काफिले के साथ कार्यक्रम स्थल पहुंचे, जिससे आयोजन स्थल पर भारी भीड़ देखने को मिली।
पूर्व मंत्रियों ने AIADMK नेतृत्व पर लगाए आरोप
TVK में शामिल होने से पहले जारी संयुक्त बयान में डॉ. सी. विजयभास्कर और एमआर विजयभास्कर ने कहा कि उन्होंने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में AIADMK के प्रति निष्ठा बनाए रखी और कठिन परिस्थितियों में भी पार्टी का साथ नहीं छोड़ा। दोनों नेताओं ने आरोप लगाया कि उन्होंने पार्टी महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी से विधानसभा चुनाव से पहले TVK के साथ गठबंधन करने की सलाह दी थी, लेकिन उनके सुझाव को नजरअंदाज कर दिया गया। उनका दावा है कि इसके बजाय पार्टी नेतृत्व ने अलग राजनीतिक रणनीति अपनाई, जिससे कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ा।
आगामी चुनावों से पहले बदले राजनीतिक समीकरण
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि AIADMK के कई वरिष्ठ नेताओं और हजारों समर्थकों का TVK में शामिल होना तमिलनाडु की राजनीति में नए समीकरण बना सकता है। आगामी विधानसभा चुनावों से पहले यह घटनाक्रम विपक्षी दलों की रणनीति और चुनावी मुकाबले को प्रभावित कर सकता है।
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