मोदीनगर में 150 करोड़ की संपत्ति बनी खूनी विवाद की वजह, बेटे ने पिता को सात गोलियां मारकर की हत्या

मोदीनगर से दिल दहला देने वाली वारदात

मोदीनगर के बुदाना गांव में संपत्ति विवाद में बेटे द्वारा पिता की गोली मारकर हत्या के बाद जांच करती पुलिस।
150 करोड़ की संपत्ति को लेकर विवाद के बीच मोदीनगर के बुदाना गांव में बेटे पर पिता की हत्या का आरोप।

नई दिल्ली/अमर भारती। गाजियाबाद जिले के मोदीनगर थाना क्षेत्र के बुदाना गांव में संपत्ति विवाद ने एक परिवार को तबाह कर दिया। करीब 150 करोड़ रुपये की पैतृक संपत्ति को लेकर चल रहे लंबे विवाद का अंत बुधवार देर रात खून-खराबे में हुआ, जब बड़े बेटे निखिल नेहरा ने कथित तौर पर अपने पिता हरिओम नेहरा की गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया, जबकि पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

गेट पर हुआ विवाद, फिर चलीं सात गोलियां

पुलिस के अनुसार, बुधवार रात करीब 10 बजे निखिल नशे की हालत में घर पहुंचा। घर के मुख्य गेट पर मौजूद पिता हरिओम ने उसके व्यवहार पर आपत्ति जताई। इसी दौरान दोनों के बीच संपत्ति को अपने नाम कराने को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई।

शोर सुनकर हरिओम की पत्नी मीनाक्षी और छोटा बेटा नीशू भी मौके पर पहुंचे और दोनों को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन विवाद इतना बढ़ गया कि निखिल ने कथित तौर पर पिस्टल निकालकर ताबड़तोड़ सात राउंड फायर कर दिए। हरिओम के सिर, सीने और गले में चार गोलियां लगीं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

150 करोड़ की संपत्ति को लेकर लंबे समय से चल रहा था विवाद

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हरिओम नेहरा के पास पैतृक रूप से लगभग 75 बीघा जमीन, छह दुकानें और एक व्यावसायिक परिसर था। परिवार में विवाद न हो, इसके लिए उन्होंने मौखिक रूप से संपत्ति को तीन हिस्सों में बांटने का फैसला किया था।

बताया जा रहा है कि निखिल को 25 बीघा जमीन और दो दुकानें देने की बात तय की गई थी, जबकि शेष संपत्ति छोटे बेटे और स्वयं हरिओम के हिस्से में रहने वाली थी। हालांकि किसी के नाम विधिवत बैनामा नहीं किया गया था। परिजनों के अनुसार, निखिल पूरे परिवार की संपत्ति अपने नाम करवाने का दबाव बना रहा था। हरिओम को आशंका थी कि यदि पूरी संपत्ति उसके नाम कर दी गई तो वह उसे बेच सकता है। इसी कारण वह बैनामा करने से बच रहे थे।

नई जमीन को लेकर भी बढ़ा था तनाव

जानकारी के मुताबिक, हरिओम ने कुछ समय पहले बुदाना रोड पर करीब पांच बीघा जमीन खरीदी थी, जहां वह एक बैंक्वेट हॉल बनाने की योजना बना रहे थे। दूसरी ओर निखिल उस जमीन पर कॉलोनी विकसित कराने की बात कर रहा था। इसे लेकर भी परिवार में लगातार विवाद होता रहता था।

2018 में भी छोटे भाई पर कर चुका था हमला

यह पहली बार नहीं है जब निखिल पर हिंसक घटना का आरोप लगा है। वर्ष 2018 में उसने कथित तौर पर अपने छोटे भाई नीशू नेहरा को भी गोली मार दी थी। गोली उसके पेट में लगी थी, लेकिन समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच गई थी। उस समय परिवार ने कोई पुलिस शिकायत दर्ज नहीं कराई थी।

मां की शिकायत पर हत्या का मुकदमा दर्ज

घटना के बाद मृतक की पत्नी मीनाक्षी की तहरीर पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपी निखिल फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, परिजनों के बयान और अन्य तकनीकी सबूतों के आधार पर मामले की गहन जांच की जा रही है। आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने का दावा किया गया है।

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