जौहर यूनिवर्सिटी की 38 इमारतें गिरेंगी? जानिए आजम खान पर कब-कब हुई कार्रवाई

नई दिल्ली/अमर भारती। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खान के ड्रीम प्रोजेक्ट मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर एक बार फिर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई हुई है। रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) ने यूनिवर्सिटी परिसर में बनी 40 में से 38 इमारतों को बिना स्वीकृत नक्शे के निर्मित बताते हुए उन्हें अवैध निर्माण माना है। इसके बाद रामपुर के जिलाधिकारी ने इन भवनों को हटाने के आदेश जारी कर दिए हैं।
प्रशासन ने संस्थान को 15 दिन का समय दिया है। यदि निर्धारित अवधि में अवैध निर्माण नहीं हटाया जाता है तो रामपुर विकास प्राधिकरण अपने स्तर पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा।
2006 में हुई थी स्थापना, 2012 में हुआ उद्घाटन
जौहर यूनिवर्सिटी की स्थापना 18 सितंबर 2006 को की गई थी, जबकि इसका औपचारिक उद्घाटन 18 सितंबर 2012 को हुआ। लगभग 500 से 800 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह विश्वविद्यालय करीब 1500 बीघा भूमि में विकसित किया गया।
विश्वविद्यालय के कुलाधिपति (चांसलर) मोहम्मद आजम खान हैं। वहीं डॉ. जहीरुद्दीन कुलपति, डॉ. तंजीम फातिमा पूर्व प्रो-वाइस चांसलर, अब्दुल्ला आजम खान प्रो-चांसलर और अदीब आजम खान सचिव रहे हैं।
2017 के बाद तेज हुई प्रशासनिक कार्रवाई
उत्तर प्रदेश में वर्ष 2017 में सरकार बदलने के बाद जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर लगातार कार्रवाई शुरू हुई। प्रशासनिक रिकॉर्ड के अनुसार आजम खान पर दर्ज कई मामलों में बड़ी संख्या जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े विवादों की है। इनमें जमीन अधिग्रहण, निर्माण, वित्तीय अनियमितताओं और अन्य आरोपों की जांच शामिल रही है। लगातार जांच और कार्रवाई के कारण विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियां भी प्रभावित हुईं। मेडिकल कॉलेज, बी-फार्मा और खेल सुविधाओं पर भी इसका असर पड़ा।
जौहर यूनिवर्सिटी विवाद: एक नजर पूरी टाइमलाइन पर
जुलाई 2019
- 26 किसानों ने 35 बीघा जमीन पर कथित कब्जे का मामला दर्ज कराया।
2019-2021
- लीज पर दी गई करीब 170 एकड़ जमीन सरकार ने वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की, जिसे न्यायिक मंजूरी भी मिली।
सितंबर 2022
- यूनिवर्सिटी परिसर से नगर निगम की सफाई मशीनें बरामद होने का मामला सामने आया।
2023
- आयकर विभाग की कार्रवाई में निर्माण लागत को लेकर सवाल उठे और वित्तीय जांच तेज हुई।
अप्रैल 2024
- किसानों की जमीन से जुड़े मामलों में आजम खान, उनकी पत्नी, बेटे समेत अन्य लोगों पर आरोप तय किए गए।
जुलाई 2024
- जिला प्रशासन ने विश्वविद्यालय की 13.8 हेक्टेयर जमीन पर कब्जा लिया और दो इमारतों को सील किया।
फरवरी 2025
- हॉस्टल निर्माण में कथित वित्तीय अनियमितताओं के बाद सरकारी फंडिंग पर कार्रवाई हुई।
जुलाई 2026
- रामपुर विकास प्राधिकरण ने 40 में से 38 भवनों को अवैध बताते हुए ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया।
हमसफर रिजॉर्ट और रामपुर पब्लिक स्कूल पर भी हुई कार्रवाई
जौहर यूनिवर्सिटी के अलावा आजम खान ट्रस्ट से जुड़े अन्य संस्थानों पर भी पिछले कुछ वर्षों में कार्रवाई हुई। वर्ष 2024 में हमसफर रिजॉर्ट के कथित अवैध हिस्से पर बुलडोजर चलाया गया। वहीं ट्रस्ट संचालित रामपुर पब्लिक स्कूल की विभिन्न शाखाओं को भी प्रशासन ने सील किया और सरकारी कब्जे में लिया। प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी विश्वविद्यालय और उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच कर चुका है।
अब आगे क्या होगा?
जिलाधिकारी के आदेश के अनुसार जौहर यूनिवर्सिटी प्रबंधन को 15 दिन के भीतर अपना पक्ष रखने और अवैध निर्माण हटाने का अवसर दिया गया है। यदि निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई नहीं होती है, तो रामपुर विकास प्राधिकरण स्वयं ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा। यह मामला अब प्रशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ राजनीतिक बहस का भी विषय बन गया है। आने वाले दिनों में इस पर कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर हलचल तेज रहने की संभावना है।
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