‘दिमागी नक्सल पार्टी’ नाम का इंस्टाग्राम अकाउंट तेजी से वायरल हो रहा है। दावा है कि 24 घंटे में 1.7 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स जुड़े। जानिए पूरा मामला।

नई दिल्ली/अमर भारती। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर ‘दिमागी नक्सल पार्टी’ नाम से बना एक नया अकाउंट तेजी से चर्चा में आ गया है। दावा है कि इस अकाउंट ने महज 24 घंटे में 1.7 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स जुटा लिए हैं। इससे पहले सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ यानी CJP नाम का अकाउंट भी चर्चा में रहा था। हालांकि, ‘दिमागी नक्सल पार्टी’ नाम से बने अकाउंट का संचालन कौन कर रहा है, इसकी आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।
इसी महीने बनाया गया अकाउंट
इंस्टाग्राम पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, ‘दिमागी नक्सल पार्टी’ नाम का यह अकाउंट इसी महीने बनाया गया है। उपलब्ध लॉग के अनुसार, अकाउंट का यूजरनेम एक बार बदला गया है। अकाउंट पर अब तक करीब 63 पोस्ट दिखाई दे रही हैं, जबकि यह लगभग 35 अकाउंट्स को फॉलो करता है। कम समय में बड़ी संख्या में फॉलोअर्स जुड़ने के कारण यह अकाउंट सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।
पीएम मोदी के बयान के बाद चर्चा में आया ‘दिमागी नक्सल’
‘दिमागी नक्सल पार्टी’ नाम ऐसे समय में चर्चा में आया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में नक्सलवाद का मुद्दा उठाया। पीएम मोदी ने अपने भाषण में सशस्त्र नक्सलवाद के अलावा ‘दिमागी नक्सल’ शब्द का भी इस्तेमाल किया और ऐसे लोगों से देश को सतर्क रहने की बात कही, जिन्हें उन्होंने देश के लिए वैचारिक चुनौती के तौर पर पेश किया। उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर ‘दिमागी नक्सल’ शब्द को लेकर बहस तेज हुई और इसी नाम से कई अकाउंट सामने आने लगे।
पीएम मोदी ने ‘दिमागी नक्सल’ को लेकर क्या कहा?
स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि जंगलों में हथियार उठाने वाले नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई हुई है, लेकिन वैचारिक स्तर पर चुनौती अभी मौजूद है। उन्होंने ‘दिमागी नक्सल पार्टी’ कहे जाने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की। पीएम के बयान के बाद सोशल मीडिया पर इस शब्द को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं। समर्थकों और आलोचकों के बीच इसे लेकर अलग-अलग दावे और तर्क दिए जा रहे हैं।
किरेन रिजिजू ने बताई ‘दिमागी नक्सल’ की परिभाषा
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ‘दिमागी नक्सल पार्टी’ शब्द को लेकर अपनी व्याख्या सामने रखी। उन्होंने कहा कि इस शब्द का इस्तेमाल उन लोगों के लिए किया गया है जो माओवादियों का समर्थन करते हैं, भारतीय संविधान को स्वीकार नहीं करते या अलगाववादी विचारों के साथ खड़े होते हैं।
रिजिजू ने अपने पोस्ट में जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के समर्थन और पूर्वोत्तर भारत को देश के बाकी हिस्सों से अलग करने की कथित कोशिशों का भी जिक्र किया। हालांकि, सोशल मीडिया पर सामने आए ‘दिमागी नक्सल पार्टी’ नाम के अकाउंट का किसी राजनीतिक संगठन या व्यक्ति से आधिकारिक संबंध होने की पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
अकाउंट का असली संचालक कौन?
दिमागी नक्सल पार्टी का अकाउंट के तेजी से लोकप्रिय होने के बावजूद इसके पीछे कौन है, इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं है। ऐसे में अकाउंट को किसी व्यक्ति, संगठन या राजनीतिक दल से जोड़कर दावा करना फिलहाल उचित नहीं होगा। सोशल मीडिया पर अकाउंट की गतिविधियों और उसके तेजी से बढ़ते फॉलोअर्स को लेकर चर्चा जारी है। आने वाले दिनों में अकाउंट के संचालन और इसके उद्देश्य को लेकर तस्वीर साफ होने की संभावना है।
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