
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बिजली संकट, अघोषित बिजली कटौती, महंगी बिजली दरों और स्मार्ट मीटर की कथित गड़बड़ियों के विरोध में शुक्रवार को आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने राजधानी लखनऊ में प्रदर्शन किया। पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह के निर्देश पर आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने शक्ति भवन की ओर मार्च करने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच नोकझोंक भी हुई। पुलिस ने प्रदर्शन को आगे बढ़ने से रोकते हुए कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर इको गार्डन भेज दिया।
पार्टी की जिला अध्यक्ष इरम रिजवी ने आरोप लगाया कि भीषण गर्मी के बीच प्रदेश की जनता बिजली संकट से जूझ रही है। उन्होंने कहा कि कई जिलों में लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने की शिकायतें सामने आ रही हैं। राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में आम नागरिक, किसान, व्यापारी, छात्र और कर्मचारी अघोषित बिजली कटौती से परेशान हैं। उन्होंने कहा कि देश की सबसे महंगी बिजली दरें चुकाने के बावजूद लोगों को निर्बाध बिजली आपूर्ति नहीं मिल रही है।
इरम रिजवी ने कहा कि प्रदेश सरकार बिजली व्यवस्था को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति अलग दिखाई देती है। गांवों और शहरों में लगातार बिजली कटौती से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। उद्योग, व्यापार, कृषि कार्य और विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी इसका असर पड़ रहा है।
उन्होंने बाराबंकी में बिजली न होने के कारण सड़क किनारे सो रहे एक परिवार के चार लोगों की मौत का उल्लेख करते हुए घटना की उच्चस्तरीय जांच और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता की समस्याओं के समाधान के बजाय सरकार के जिम्मेदार मंत्री बयानबाजी में व्यस्त हैं।
आम आदमी पार्टी के निवर्तमान प्रदेश महासचिव दिनेश पटेल ने स्मार्ट मीटर व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेशभर से फर्जी बिलिंग, गलत रीडिंग और बढ़े हुए बिजली बिलों की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। उनके अनुसार लाखों उपभोक्ता आर्थिक बोझ का सामना कर रहे हैं, जबकि शिकायतों के निस्तारण की व्यवस्था प्रभावी नहीं है।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने अघोषित बिजली कटौती बंद करने, निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने, बिजली दरों में वृद्धि पर रोक लगाने, स्मार्ट मीटर और फर्जी बिलिंग की निष्पक्ष जांच कराने तथा प्रदेशवासियों को सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराने की मांग की।
पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जनता की समस्याओं का समाधान नहीं किया तो आंदोलन को प्रदेशभर में और व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा।
प्रदर्शन में दिनेश पटेल, मनोज मिश्रा, नूर सिद्दीकी, वसीम सिद्दीकी, प्रितपाल सिंह सलूजा, अनित रावत, बी.एन. खरे, ज्ञान सिंह कुशवाहा, पी.के. बाजपेई, रानी कुमारी, नीरज गुप्ता, फुरकान, लक्ष्मण सिंह, बलराम साही, अनिल जैन, माजिद, मुर्तुजा, विनोद शर्मा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।