आगरा में आयोजित हुआ ‘स्वर्णिम दुग्धामृत संवाद समागम’, डेयरी सेक्टर में निवेश और तकनीक पर मंथन


लखनऊ/आगरा। Uttar Pradesh Dairy Development Department की ओर से प्रदेश में डेयरी सेक्टर को मजबूत बनाने और स्वदेशी उन्नत गोवंश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “स्वर्णिम दुग्धामृत संवाद समागम” का आयोजन गुरुवार को आगरा में किया गया। राव कृष्ण पाल सिंह ऑडिटोरियम, आरपीएल कॉलेज में आयोजित इस डेयरी कॉन्क्लेव में नवीनतम तकनीक, स्वदेशी नस्ल के गौ-पालन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण और डेयरी क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में Dharampal Singh मौजूद रहे। उनके साथ अपर मुख्य सचिव Mukesh Kumar Meshram और दुग्ध आयुक्त Dhanalakshmi K सहित आगरा और अलीगढ़ मंडल के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में लगभग एक हजार से अधिक किसान, गौपालक, दुग्ध उत्पादक, उद्यमी और निवेशकों ने भाग लिया। साथ ही वेबकास्टिंग और लाइव यूट्यूब प्रसारण के जरिए प्रदेश के अन्य जिलों के पशुपालकों और उद्यमियों को भी जोड़ा गया।
मंत्री धर्मपाल सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले दस वर्षों में उत्तर प्रदेश में डेयरी विकास के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि डेयरी सेक्टर में निजी निवेश बढ़ने से किसानों की आय दोगुनी करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को आगरा और अलीगढ़ मंडल में डेयरी निवेश की संभावनाओं को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए।
अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने स्वदेशी नस्ल के गौपालन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती से जोड़ते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं से पशुपालकों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। वहीं दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के. ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश में दुग्ध उत्पादन का अग्रणी राज्य है और सरकार किसानों को सुनिश्चित बाजार, पारदर्शी मूल्य और स्थायी आय उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि नंद बाबा दुग्ध मिशन और दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति-2022 के तहत किसानों और उद्यमियों को बड़े स्तर पर आर्थिक सहायता दी जा रही है। आगरा और अलीगढ़ मंडल में नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत 762 लाभार्थियों को 500 लाख रुपये से अधिक की सहायता वितरित की जा चुकी है, जबकि दुग्ध नीति-2022 के अंतर्गत उद्यमियों को लगभग 800 लाख रुपये का अनुदान दिया गया है।
कार्यक्रम में पराग, सहज, रवि लाला, अल्फा डेयरी, कुमार मिल्क प्रोटीन और विजय ट्रेडिंग कंपनी जैसे बड़े ब्रांड्स ने अपने उत्पादों के स्टॉल लगाए। वहीं डेयरी विशेषज्ञों ने बायोगैस, नवाचार और आधुनिक डेयरी तकनीकों पर अपने अनुभव साझा किए।