
कोकिलावन में हुई पंचायत में शादी-विवाह में सोना-चांदी और बारात की संख्या की सीमा तय, 6 सितंबर को हरियाणा में 52 पालों की महापंचायत
कोसीकलां। समाज में व्याप्त कुरीतियों और विवाह समारोहों में बढ़ते आडंबर को रोकने के लिए छाता क्षेत्र के छह पालों के 65 गांवों की सामूहिक पंचायत बुधवार को शनि धाम कोकिलावन में आयोजित हुई। पंचायत में हजारों की संख्या में समाज के प्रमुख लोग, पंच और सरदार शामिल हुए। बैठक में सामाजिक कुरीतियों पर गंभीरता से विचार-विमर्श के बाद कई महत्वपूर्ण सामूहिक निर्णय लिए गए।
पंचायत में मृत्यु भोज, बतारी भोज, लगन-सगाई में रुपये बांटने, नगद लेन-देन और डीजे बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया। पंचायत में मौजूद लोगों ने इन फैसलों का समर्थन करते हुए समाज में सादगी और अनुशासन के साथ सामाजिक आयोजनों को संपन्न कराने का संकल्प लिया।
शादी में दहेज के आडंबर पर भी लगाम
पंचायत में शादी-विवाह में होने वाले दहेज और आडंबर को सीमित करने के लिए भी नियम तय किए गए। निर्णय के अनुसार विवाह समारोह में अधिकतम दो तोले सोने के आभूषण और 100 ग्राम चांदी ही दी जा सकेगी। इसके अलावा बारात में अधिकतम 51 लोग ही शामिल हो सकेंगे।

बतारी कार्यक्रम में भी लोगों की संख्या सीमित करने का फैसला लिया गया। पंचायत के अनुसार इसमें पांच महिला और पांच पुरुष ही शामिल हो सकेंगे। गर्मी के मौसम में बतारी में ठंडाई और सर्दी के मौसम में चाय की व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया।
नियम तोड़ने वालों का सामाजिक बहिष्कार
पंचायत में यह भी तय किया गया कि सामूहिक रूप से बनाए गए नियमों का उल्लंघन करने वाले परिवार के सामाजिक कार्यक्रमों में छह पालों के लोग शामिल नहीं होंगे। पंचायत के सदस्यों ने कहा कि इन फैसलों का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष पर दबाव बनाना नहीं, बल्कि समाज में बढ़ते अनावश्यक खर्च और दिखावे को रोकना है।
पंचायत में उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने मौजूद लोगों से दोनों हाथ उठवाकर सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ लिए गए निर्णयों के पालन का आश्वासन लिया।
चौधरी लक्ष्मीनारायण ने बताया कि आगामी 6 सितंबर को हरियाणा के मिडकोला गांव में 52 पालों की सरदारी की महापंचायत आयोजित होगी। इसमें छाता क्षेत्र की छह पालों के सरदार भी भाग लेंगे। वहां जो सामूहिक निर्णय लिया जाएगा, उसका भी अक्षरशः पालन करने की बात कही गई।
उन्होंने कहा कि कोकिलावन पंचायत में मृत्यु भोज, बतारी भोज, लगन-सगाई में रुपये बांटने और डीजे पर प्रतिबंध सहित शादी-विवाह में होने वाले आडंबर को सीमित करने का फैसला लिया गया है।
पंचायत में बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद
पंचायत की अध्यक्षता रावत पाल के अध्यक्ष पदम बाबूजी ने की। संचालन डालचंद चौधरी ने किया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री प्रतिनिधि नरदेव चौधरी, रालोद के वरिष्ठ नेता डालचंद चौधरी, जगपाल चौधरी, महिपाल मुकदम, कमर कुमार चंद्रा रावत, फेली प्रधान खरोट, सुभाष चौधरी खरोट, कैलाश प्रधान सोपान, कश्यप देव, विजन प्रधान गोहरी, अजरी सिंह रावत राजागढ़ी, डीडे पाल अध्यक्ष सरमन चौधरी कोटवन, राजन चौधरी कोसी, गणेश चौधरी कोसी, भजन चौधरी, ओमवीर सिंह कोसी, कुकी कोसी, नगर पंचायत नंदगांव अध्यक्ष भीम चौधरी, बगजीत प्रधान मेहराणा, गजेंद्र प्रधान नबीपुर, राजेश प्रधान जॉब, धर्मेंद्र चौधरी राजागढ़ी, जयवीर प्रधान सूरवारी, डालचंद प्रधान कादोना, भोला प्रधान, बच्चू प्रधान, सोनू प्रधान संचोली, गंगा श्याम प्रधान, श्याम प्रधान नगरिया, भगत चौधरी नबीपुर, सतीश, मुकेश कादोना सहित हजारों की संख्या में क्षेत्र के प्रमुख लोग मौजूद रहे।