हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से किन्नौर में फ्लैश फ्लड के कारण NH-5 बंद हो गया, जबकि लाहौल-स्पीति में उफनते नाले के बीच मरीज को बैकहो लोडर से सुरक्षित पार कराया गया।

नई दिल्ली/अमर भारती। हिमाचल प्रदेश में मानसून ने अब रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण राज्य के कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हो गया है। जनजातीय जिला किन्नौर और लाहौल-स्पीति में भारी बारिश के बाद आई बाढ़ और भूस्खलन ने सड़क संपर्क बाधित कर दिया है। हालांकि राहत की बात यह है कि दोनों घटनाओं में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
किन्नौर में फ्लैश फ्लड से NH-5 पूरी तरह बंद
किन्नौर जिले के चोलिंग क्षेत्र में बुधवार रात हुई तेज बारिश के बाद अचानक फ्लैश फ्लड आ गई। बाढ़ अपने साथ भारी मात्रा में मलबा, पत्थर और दलदल लेकर आई, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग-5 (NH-5) पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। अचानक आई इस आपदा के दौरान सड़क से गुजर रहे कई वाहन मलबे में फंस गए। हालांकि समय रहते सभी लोग सुरक्षित बाहर निकल आए और किसी भी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है।
घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंच गए। किन्नौर के उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा ने बताया कि सड़क पर जमा मलबा हटाने और फंसे वाहनों को निकालने के लिए जेसीबी सहित भारी मशीनरी तैनात कर दी गई है। प्रशासन का प्रयास है कि राष्ट्रीय राजमार्ग-5 को जल्द से जल्द यातायात के लिए बहाल किया जाए।
लाहौल-स्पीति में उफनते नाले के बीच मरीज को पहुंचाया अस्पताल
उधर लाहौल-स्पीति जिले में भी लगातार बारिश से हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। जाहलमा नाले में आई बाढ़ के कारण पहले से क्षतिग्रस्त पुल के स्थान पर बनाई गई अस्थायी पुलिया भी बह गई, जिससे उदयपुर उपमंडल और पांगी घाटी का संपर्क पूरी तरह टूट गया।
इसी बीच शेनुर गांव की रहने वाली शांति देवी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें छाती में संक्रमण और सांस लेने में तकलीफ होने पर कुल्लू अस्पताल रेफर किया गया। एंबुलेंस मरीज को लेकर जाहलमा नाले तक पहुंची, लेकिन तेज बहाव के कारण आगे बढ़ना संभव नहीं था। ऐसे में सीमा सड़क संगठन (BRO) और पुलिस के जवानों ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए मरीज को स्ट्रेचर सहित बैकहो लोडर मशीन में बैठाकर उफनते नाले को सुरक्षित पार कराया। दूसरी ओर मौजूद एंबुलेंस से मरीज को क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू पहुंचाया गया, जहां उपचार के बाद उनकी हालत में सुधार बताया जा रहा है।
BRO ने बहाल किया यातायात
लगातार प्रयासों के बाद बीआरओ ने गुरुवार सुबह नाले पर एक नई अस्थायी पुलिया तैयार कर दी, जिसके बाद सीमित रूप से यातायात बहाल कर दिया गया। गौरतलब है कि मई महीने में हुए भूस्खलन के कारण जाहलमा पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद बीआरओ यहां नए स्थायी पुल का निर्माण कर रहा है। स्थानीय विधायक अनुराधा राणा के अनुसार नए पुल का निर्माण इस महीने के अंत तक पूरा होने की संभावना है, जिससे क्षेत्र के लोगों को स्थायी राहत मिलेगी।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग व प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण अचानक बाढ़, भूस्खलन और सड़क अवरुद्ध होने जैसी घटनाओं का खतरा बना हुआ है।
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