Honeypreet Insan: आज हम बात करेंगे एक ऐसी महिला की, जिसकी कहानी धर्म, शक्ति, विश्वास और विवादों से जुड़ी हुई है — हम बात कर रहे हैं हनीप्रीत इंसा की। वो नाम जो अचानक सुर्खियों में आया, फिर विवादों में घिरा, और अब भी कई सवालों के घेरे में है। आपको बता दे की हनीप्रीत इंसा का असली नाम प्रियंका तनेजा है।
Honeypreet Insan: हनीप्रीत इंसा की कहानी
हरियाणा के एक सामान्य परिवार से आने वाली प्रियंका की ज़िंदगी ने उस वक्त करवट ली जब उन्होंने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह से मुलाकात की। बताया जाता है कि राम रहीम से प्रभावित होकर उन्होंने डेरा में सक्रिय भूमिका निभाना शुरू कर दी। धीरे-धीरे वो राम रहीम की सबसे करीबी बन गईं — इतना कि उन्हें ‘पापा की एंजेल’ कहा जाने लगा।
बता दे की राम रहीम ने उन्हें अपनी गोद ली हुई बेटी बताया, लेकिन दोनों के रिश्ते को लेकर समय-समय पर कई सवाल उठते रहे। बता दे कि हनीप्रीत सिर्फ आध्यात्मिक मंचों तक सीमित नहीं रहीं। राम रहीम की बनाई फिल्मों में उन्होंने एक्ट्रेस, डायरेक्टर और को-प्रोड्यूसर की भूमिका भी निभाई।
‘MSG – Messenger of God’ जैसी फिल्मों में उनका रोल काफी चर्चित रहा। लेकिन इस ग्लैमर की चकाचौंध के पीछे एक अंधेरा था, जो 2017 में सामने आया। वही 25 अगस्त 2017 को राम रहीम को साध्वी यौन शोषण केस में दोषी करार दिया गया। इस फैसले के बाद पंचकूला समेत हरियाणा में हिंसा भड़क उठी, जिसमें दर्जनों लोग मारे गए और सैकड़ों घायल हुए।
पुलिस जांच में यह सामने आया कि हनीप्रीत पर हिंसा भड़काने की साजिश में शामिल होने का आरोप है।इस केस में नाम आने के बाद हनीप्रीत करीब 38 दिनों तक फरार रहीं। हरियाणा पुलिस को गुमराह करने के लिए उन्होंने जगह-जगह ठिकाने बदले। अंततः अक्टूबर 2017 में उन्होंने सरेंडर किया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
करीब 3 साल तक जेल में रहने के बाद 2020 में उन्हें ज़मानत मिल गई।अब बात करते है उनकी विवाद और रहस्य के बारे में दरअसल हनीप्रीत और राम रहीम के रिश्ते को लेकर मीडिया और जनता के बीच कई तरह की बातें होती रहीं — क्या वो सिर्फ गोद ली हुई बेटी थीं या कुछ और? इस पर कभी कोई साफ जवाब नहीं आया। खुद हनीप्रीत ने मीडिया इंटरव्यू में इन अफवाहों को झूठा बताया, लेकिन संदेह की परतें अब भी पूरी तरह नहीं हटी हैं।
उनकी जेल से रिहाई के बाद वो फिर से डेरा में सक्रिय दिखीं, लेकिन पहले जैसी शोहरत अब शायद ही वापिस मिल सके।
हनीप्रीत इंसा की कहानी एक ऐसे मोड़ पर है, जहां कई सवाल अधूरे हैं और जवाब खो चुके हैं। धर्म और अंधभक्ति के मेल से जब किसी पर इंसान के विवेक पर पर्दा पड़ता है, तो ऐसे किरदार सामने आते हैं जो लोगों की सोच को झकझोर देते हैं।
हनीप्रीत की ज़िंदगी एक मिसाल है कि कैसे आध्यात्म की आड़ में सत्ता, ग्लैमर और विवादों का खेल खेला जा सकता है।ये सिर्फ एक कहानी नहीं ये एक चेतावनी भी है, कि आँख बंद करके किसी पर विश्वास करना कितना खतरनाक हो सकता है।
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