Green Economy Report 2026: भारत ने कमाए 110 अरब डॉलर, एशिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती ग्रीन इकोनॉमी, पढ़िए पूरी रिपोर्ट?

LSEG की रिपोर्ट के मुताबिक 2025 में भारत ने ग्रीन सेक्टर से 110 अरब डॉलर का राजस्व हासिल किया। 20% CAGR के साथ भारत एशिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती ग्रीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया है।

Electric Vehicles Green Economy India
EV सेक्टर भारत की हरित अर्थव्यवस्था को नई गति दे रहा है।

नई दिल्ली/अमर भारती। दुनियाभर में पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को लेकर प्रयास तेज़ हो रहे हैं। इसी कड़ी में भारत के लिए एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है। लंदन स्टॉक एक्सचेंज ग्रुप (LSEG) की रिपोर्ट “Investing in the Green Economy 2026” के अनुसार, वर्ष 2025 में भारत ने ग्रीन सेक्टर से लगभग 110 अरब डॉलर का राजस्व (Revenue) अर्जित किया है। इसके साथ ही भारत एशिया की सबसे तेजी से बढ़ती ग्रीन इकोनॉमी में शामिल हो गया है।

20% CAGR के साथ भारत ने दिखाई तेज़ बढ़त

रिपोर्ट के अनुसार पिछले पांच वर्षों में भारत का ग्रीन रेवेन्यू 20 प्रतिशत की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ा है।

तुलना करें तो:

क्षेत्रCAGR
भारत20%
एशिया औसत12%
वैश्विक औसत10%

यह आंकड़ा बताता है कि भारत की ग्रीन अर्थव्यवस्था न केवल एशिया बल्कि वैश्विक औसत से भी कहीं अधिक तेज़ी से विस्तार कर रही है।

क्या है ग्रीन इकोनॉमी?

ग्रीन इकोनॉमी या हरित अर्थव्यवस्था एक ऐसी आर्थिक व्यवस्था है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करना है।

इसके प्रमुख लक्ष्य हैं:

  • कार्बन उत्सर्जन कम करना
  • जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता घटाना
  • नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देना
  • प्रदूषण और ग्रीनहाउस गैसों में कमी लाना
  • टिकाऊ कृषि और परिवहन को प्रोत्साहित करना

सरल शब्दों में कहें तो यह ऐसी अर्थव्यवस्था है जो विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन स्थापित करती है।

कृषि और बायोगैस सेक्टर में भारत की मजबूत पकड़

रिपोर्ट के अनुसार भारत ने कुछ खास ग्रीन सेक्टर में बेहद मजबूत स्थिति बनाई है।

प्रमुख उपलब्धियां

एशिया के बायोगैस एनर्जी इक्विपमेंट रेवेन्यू में भारत की हिस्सेदारी: 87%

एडवांस्ड सिंचाई सिस्टम और डिवाइस से जुड़े एशियाई ग्रीन रेवेन्यू में भारत की हिस्सेदारी: 75%

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि भारत कृषि, ग्रामीण विकास, वेस्ट-टू-एनर्जी और विकेंद्रीकृत ऊर्जा प्रणालियों में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

इलेक्ट्रिक वाहनों ने बढ़ाई रफ्तार

भारत में पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम करने के लिए पिछले कुछ वर्षों में इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) को बड़े पैमाने पर प्रोत्साहन दिया गया है।

  • इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री में तेजी
  • इलेक्ट्रिक कारों की बढ़ती मांग
  • चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार
  • बैटरी निर्माण में निवेश

इन पहलों ने ग्रीन इकोनॉमी को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

एशिया बना दुनिया का सबसे बड़ा ग्रीन रेवेन्यू क्षेत्र

रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025 में वैश्विक ग्रीन रेवेन्यू का 47 प्रतिशत हिस्सा एशियाई कंपनियों के पास रहा।

एशिया की सफलता के प्रमुख क्षेत्र:

  • ऊर्जा उपकरण
  • परिवहन उपकरण
  • प्रदूषण नियंत्रण
  • इलेक्ट्रिक वाहन बैटरियां
  • रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर
  • वेस्ट मैनेजमेंट

एशिया की ग्रीन इकोनॉमी में किसका कितना योगदान?

देशहिस्सेदारी
चीन41%
जापान28%
हांगकांग10%
दक्षिण कोरिया6%
ताइवान5%
भारत4%

हालांकि भारत की हिस्सेदारी अभी 4 प्रतिशत है, लेकिन विकास की गति इसे आने वाले वर्षों में एशिया के प्रमुख ग्रीन आर्थिक केंद्रों में शामिल कर सकती है।

रिपोर्ट के प्रमुख आंकड़े

  • भारत का ग्रीन रेवेन्यू: 110 अरब डॉलर
  • पांच वर्षीय CAGR: 20%
  • एशिया का CAGR: 12%
  • वैश्विक CAGR: 10%
  • बायोगैस उपकरण क्षेत्र में भारत की हिस्सेदारी: 87%
  • एडवांस्ड सिंचाई सिस्टम में हिस्सेदारी: 75%
  • एशियाई ग्रीन रेवेन्यू में भारत का योगदान: 4%

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