
रामनगर। कजरी तीज मेले में शामिल होने जा रहे श्रद्धालुओं के लिए केसरीपुर रेलवे क्रासिंग पर बिखरे रोड़े मुसीबत बन गए। रेल लाइन की मरम्मत के बाद क्रासिंग की सड़क को समतल नहीं किए जाने से रविवार शाम से देर रात तक कई दोपहिया वाहन फिसलकर गिर गए। हादसों में दर्जनों श्रद्धालुओं के चोटिल होने की बात सामने आई है। वहीं, रोड़ों के कारण ई-रिक्शा के पलटने की भी घटनाएं हुईं।
बताया गया कि करीब चार दिन पहले रेलवे क्रासिंग पर रेल लाइन की मरम्मत के लिए खुदाई की गई थी। इसके बाद क्रासिंग पर रोड़े डाल दिए गए, लेकिन सड़क को ठीक से बराबर नहीं किया गया। रविवार को वाहनों की आवाजाही बढ़ने के साथ रोड़े सड़क पर इधर-उधर फैल गए। कजरी तीज मेले में जाने वाले श्रद्धालु जब इस रास्ते से गुजरे तो कई मोटरसाइकिल सवार असंतुलित होकर सड़क पर गिर पड़े।
श्रद्धालुओं का कहना था कि मेले के दौरान इस मार्ग पर बड़ी संख्या में लोगों और वाहनों की आवाजाही होती है। इसके बावजूद रेलवे प्रशासन ने क्रासिंग को सुरक्षित बनाने के लिए सड़क को समतल कराने की जरूरत नहीं समझी। रोड़ों के कारण लगातार हादसे होने से मौके पर श्रद्धालुओं में आक्रोश भी देखने को मिला।
कुंवर बहादुर, शिव मोहन, राजाराम, उमेश, गुरुदेव, मुकेश और राज दुलारी समेत कई श्रद्धालुओं ने रेलवे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि यदि समय रहते क्रासिंग पर पड़े रोड़ों को बराबर करा दिया जाता तो हादसों को रोका जा सकता था।
श्रद्धालुओं ने बताया कि कजरी तीज के अवसर पर अगले दिनों में भी इस मार्ग से बड़ी संख्या में लोग गुजरेंगे। ऐसे में क्रासिंग की बदहाल स्थिति और अधिक हादसों का कारण बन सकती है। लोगों ने रेलवे प्रशासन से तत्काल सड़क को समतल कराने और क्रासिंग को सुरक्षित बनाने की मांग की है।
श्रद्धालुओं ने कहा कि सोमवार को रेल मंत्री को ज्ञापन भेजकर पूरे मामले की शिकायत की जाएगी। साथ ही केसरीपुर रेलवे क्रासिंग को तत्काल दुरुस्त कराने की मांग की जाएगी, ताकि मेले में आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।