
लखनऊ/प्रयागराज। Krishna Mrig Reserved Area में विकसित किए जा रहे ईको पार्क और पर्यटन सुविधाओं का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। लगभग 4.99 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना का करीब 70 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। Uttar Pradesh Tourism Department की इस पहल से मेजा क्षेत्र को ईको टूरिज्म के नए केंद्र के रूप में पहचान मिलने की उम्मीद है।
परियोजना के तहत पर्यटकों की सुविधा और प्राकृतिक वातावरण के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए कई आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इनमें भव्य प्रवेश द्वार, इंटरलॉकिंग पार्किंग, आकर्षक साइनेज, बैठने की व्यवस्था, आधुनिक टॉयलेट, कैंटीन ब्लॉक, वॉच टावर, चिल्ड्रन एक्टिविटी एरिया, गार्डन लाइट, सेल्फी प्वाइंट और गजीबो हट शामिल हैं।
इसके अलावा ईको पार्क में बर्ड एक्टिविटी जोन, हॉर्टिकल्चर एवं लैंडस्केपिंग, सिंचाई व्यवस्था, बायो फेंसिंग और चेन लिंक फेंसिंग का कार्य भी कराया जा रहा है, ताकि क्षेत्र की जैव विविधता और प्राकृतिक सुंदरता सुरक्षित रह सके। विभागीय अधिकारियों के अनुसार कैंटीन, गार्ड रूम और कई प्रमुख निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं, जबकि गजीबो और सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्य अभी प्रगति पर हैं।
अक्टूबर 2025 में शुरू हुई इस परियोजना को अप्रैल 2027 तक पूरा किया जाना है। अब तक सरकार की ओर से 3.62 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जारी की जा चुकी है, जिसमें करीब 3.50 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
स्थानीय लोगों का मानना है कि ईको पार्क बनने के बाद मेजा क्षेत्र प्रदेश के प्रमुख ईको टूरिज्म स्थलों में शामिल हो सकता है। इससे पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और छोटे कारोबारों को भी बढ़ावा मिलेगा।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री Jaiveer Singh ने कहा कि प्रदेश सरकार पर्यटन स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ते हुए ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मेजा स्थित कृष्ण मृग आरक्षित क्षेत्र में विकसित हो रहा ईको पार्क प्राकृतिक पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय रोजगार के लिहाज से महत्वपूर्ण परियोजना साबित होगा।