योगी कैबिनेट के 28 अहम फैसलों का संयुक्त परिषद ने किया स्वागत: OPS लागू करने की मांग तेज

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को पांच कालिदास मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में 28 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट के कई फैसलों का राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है। परिषद के अध्यक्ष जेएन तिवारी ने कहा कि कर्मचारियों, खिलाड़ियों और प्रदेश के विकास से जुड़े कई निर्णय सकारात्मक हैं, लेकिन साथ ही उन्होंने वर्ष 2005 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग भी दोहराई।

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जेएन तिवारी ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा होमगार्ड्स को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय सराहनीय है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को सीधी भर्ती के माध्यम से सरकारी नौकरी देने के फैसले का भी परिषद ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इससे खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिलेगा और खेल प्रतिभाओं को बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।

प्रदेश को डिजिटल और AI हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम

परिषद ने वर्ष 2021 से बंद पड़े डाटा सेंटर को दोबारा संचालित करने के फैसले को भी महत्वपूर्ण बताया। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद अध्यक्ष जेएन तिवारी ने कहा कि इससे उत्तर प्रदेश को डिजिटल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंफ्रास्ट्रक्चर का प्रमुख हब बनाने में मदद मिलेगी। उनका कहना था कि डाटा सेंटर के संचालन से डिजिटल सेवाओं का विस्तार होगा और तकनीकी विकास को नई गति मिलेगी।

वर्दी भत्ते में बढ़ोतरी और खिलाड़ियों के लिए पद आरक्षित

कैबिनेट ने वर्दीधारी कर्मचारियों के धुलाई एवं सिलाई भत्ते में 50 प्रतिशत की वृद्धि को भी मंजूरी दी है। संयुक्त परिषद ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि कई वर्षों से इस भत्ते में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई थी। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कांस्य और रजत पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए जिला क्रीड़ा अधिकारी के 9, जिला युवा कल्याण अधिकारी के 9 तथा उप क्रीड़ा अधिकारी के 23 पद खेल कोटे से भरने के निर्णय का भी परिषद ने स्वागत किया है।

लोक सेवा आयोग की पेंशन बढ़ी, कर्मचारियों के लिए OPS की मांग फिर उठी

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जेएन तिवारी ने लोक सेवा आयोग के अध्यक्षों एवं सदस्यों की पेंशन बढ़ाने के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार विभिन्न वर्गों की पेंशन संबंधी मांगों पर निर्णय ले रही है, लेकिन सरकारी कर्मचारी अब भी पुरानी पेंशन योजना से वंचित हैं। उन्होंने सरकार से वर्ष 2005 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू करने पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।

कर्मचारी समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग

संयुक्त परिषद के अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री का ध्यान कर्मचारियों की लंबित समस्याओं की ओर आकर्षित करते हुए कहा कि पिछले ढाई वर्षों से कर्मचारी संगठनों और शासन के बीच संवादहीनता बनी हुई है, जिसके कारण कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने अफसरशाही को कर्मचारियों के प्रति अधिक जवाबदेह बनाने की मांग करते हुए कहा कि लोकप्रिय सरकार में कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान में अनावश्यक विलंब प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। चुनावी वर्ष को देखते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री से कर्मचारियों के मुद्दों पर व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने का आग्रह किया।