1.30 करोड़ से अधिक का कैंसिल माल रास्ते में बेचने वाले दो हफ कर्मी गिरफ्तार, मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी पुलिस

मुरादाबाद। शहर में कंपनी के माल को रास्ते में खुर्द-बुर्द कर बाजार में बेचने के कथित बड़े नेटवर्क का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह के नेतृत्व में हुई कार्रवाई में पुलिस ने हफ कंपनी से जुड़े दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी वाहनों में लदे कैंसिल माल को निर्धारित स्थान तक पहुंचाने के बजाय रास्ते में ही गायब कर देते थे और बाद में उसे अलग-अलग स्थानों पर बेचकर रकम आपस में बांट लेते थे।
पुलिस की पूछताछ में सामने आई जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों ने लंबे समय से इस तरह की गतिविधियों में शामिल होने की बात स्वीकार की है। आरोपियों के कब्जे और पूछताछ से करीब 1.30 करोड़ रुपये से अधिक कीमत के माल को खुर्द-बुर्द कर बेचने की बात सामने आई है। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच का दायरा बढ़ा दिया है।
रास्ते में गायब कर देते थे कंपनी का माल
पुलिस के अनुसार, आरोपी कंपनी से संबंधित माल को वाहनों में लोड कराते थे। इसके बाद माल को निर्धारित गंतव्य तक पहुंचाने के बजाय रास्ते में ही उसे खुर्द-बुर्द कर दिया जाता था। कथित तौर पर कैंसिल माल को अलग-अलग स्थानों पर बाजार में बेच दिया जाता था। इससे मिलने वाली रकम को आरोपी आपस में बांट लेते थे।
पूछताछ में दोनों आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह खेल कब से चल रहा था और इस दौरान कितनी बार कंपनी के माल को रास्ते में गायब किया गया। पुलिस पुराने मामलों की कड़ियां भी जोड़ रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
तीसरे आरोपी को मास्टरमाइंड मान रही पुलिस
मामले में एक तीसरे आरोपी की भूमिका को पुलिस बेहद अहम मान रही है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ में उसके संबंध में कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। पुलिस उसे कथित तौर पर पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड मानकर उसकी तलाश कर रही है। फिलहाल वह पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह के मुताबिक, फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद कैंसिल माल की कथित खरीद-फरोख्त के पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।
खरीदारों और ठिकानों की भी जांच
गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस अब उन स्थानों और लोगों की तलाश कर रही है, जहां कथित तौर पर कैंसिल माल को बेचा जाता था। पुलिस उन कारोबारियों और अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है, जिन्होंने माल की खरीद-फरोख्त में कथित रूप से सहयोग किया हो सकता है।
जांच में यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपियों ने अब तक कितनी बार कंपनी के माल को खुर्द-बुर्द किया और इससे कंपनी को कुल कितना आर्थिक नुकसान हुआ। पुलिस माल की बरामदगी के साथ-साथ इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान में जुटी है।
फिलहाल दो आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं, जबकि कथित मास्टरमाइंड फरार बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में और गिरफ्तारियां तथा महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।