
लखनऊ। जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ जी के मोक्ष कल्याणक के पावन अवसर पर बुधवार को राजधानी लखनऊ में जिनशासन प्रभावना एवं भव्य वाहन रैली का आयोजन किया गया। डालीगंज जैन मंदिर से प्रातः 8 बजे आचार्य श्री सुबल सागर जी महाराज के सान्निध्य में शुरू हुई इस रैली में करीब 500 स्कूटी, मोटरसाइकिल, दोपहिया और चौपहिया वाहन शामिल हुए। रैली में महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में बाइक और स्कूटी के साथ उत्साहपूर्वक सहभागिता की। जिनशासन के जयकारों और धार्मिक नारों से पूरा मार्ग भक्तिमय नजर आया।
वाहन रैली में सबसे आगे चल रहीं दो विंटेज कारें विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। इनमें जिनशासन ध्वज के साथ श्री सुबोध जैन जौहरी परिवार सवार रहा। उनके पीछे चक्रवर्ती परिवार के रूप में आदीश जैन सर्राफ का परिवार तथा वात्सल्य भोजन के प्रदाता श्री नीतीश कुमार जैन सहित समाज के अनेक लोग रैली में शामिल हुए। पारंपरिक धार्मिक उत्साह और अनुशासित तरीके से निकाली गई इस रैली ने शहर में जैन समाज की एकजुटता और आस्था का संदेश दिया।
डालीगंज से निराला नगर, आईटी चौराहा और हनुमान सेतु होते हुए मंदिर पहुंची रैली
रैली डालीगंज जैन मंदिर से प्रारंभ होकर निराला नगर, आईटी चौराहा, हनुमान सेतु एवं ग्रीन कॉरीडोर रोड से होते हुए पुनः डालीगंज जैन मंदिर पहुंची। पूरे मार्ग में जैन समाज के लोगों ने जिनशासन के जयकारे लगाए। रैली के दौरान श्रद्धालुओं में भगवान पार्श्वनाथ जी के प्रति गहरी श्रद्धा और भक्ति दिखाई दी। कार्यक्रम ने राजधानी में धार्मिक सौहार्द, सामाजिक एकता और जिनशासन की प्रभावना का संदेश भी दिया।
वर्षा योग के मध्य आयोजित हुए धार्मिक कार्यक्रम
जिनशासन चातुर्मास प्रभावना समिति के अंतर्गत चल रहे वर्षा योग के मध्य श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर समिति की ओर से विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। भगवान पार्श्वनाथ जी का जन्म वाराणसी में हुआ था, जबकि उनका मोक्ष कल्याणक झारखंड स्थित श्री सम्मेद शिखर जी से जुड़ा है। इसी पावन अवसर पर लखनऊ के विभिन्न जैन मंदिरों में भगवान पार्श्वनाथ जी का पंचामृत अभिषेक, अष्टद्रव्य से पूजन और निर्वाण लाडू समर्पण किया गया। अभिषेक एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठानों में महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में भाग लेकर अपनी श्रद्धा प्रकट की।
आचार्य सुबल सागर जी ने दिया एकजुटता का संदेश
इस अवसर पर आचार्य श्री सुबल सागर जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि भगवान पार्श्वनाथ जी का निर्वाण महोत्सव जीवन की हर परिस्थिति में एकजुट रहने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि जैन समाज में भले ही अनेक संगठन हों, लेकिन सभी को आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर एकता का परिचय देना चाहिए। जिनशासन की प्रभावना और समाज की मजबूती के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।
बड़ी संख्या में समाज के लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में विकास जैन, कैलाश चंद्र जैन, रीतेश जैन (पुस्तक वाटिका), वीर कुमार जैन, अंकित, शैंकी, प्रिंसू, पारस, पार्श्व जैन, अविरल कुमार, अमित रतन जैन, मनोज जैन, सुबोध जैन, वीर कुमार जैन टिकैत नगर वाले, मनीष, संजीव जैन, विशाल जैन, अभिषेक जैन, पी.के. जैन सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे। सम्मान की कड़ी में पूर्व डीजीपी ए.के. जैन, घनश्याम अग्रवाल, नगर महामंत्री भाजपा लखनऊ एवं पप्पू बोरा, अध्यक्ष डालीगंज व्यापार मंडल ने भी सहभागिता की।
आशियाना जैन मंदिर में 23 किलो का निर्वाण लाडू समर्पित
वहीं, आशियाना जैन मंदिर में भी आचार्य गुरु उपाध्याय श्री विहसंत सागर जी महाराज के सान्निध्य में भगवान पार्श्वनाथ जी के मोक्ष कल्याणक पर भव्य धार्मिक आयोजन किया गया। इस अवसर पर भगवान पार्श्वनाथ जी को 23 किलोग्राम का निर्वाण लाडू समर्पित किया गया। श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ भगवान का अभिषेक एवं पूजन किया और मोक्ष कल्याणक को श्रद्धापूर्वक मनाया। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में धार्मिक उल्लास और भक्ति का वातावरण बना रहा।