घाघरा में संभावित बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट: संवेदनशील गांवों में 24 घंटे निगरानी के निर्देश, बाढ़ प्रभावित गांवों पर रहेगी विशेष नजर

पंकज चतुर्वेदी

बाराबंकी। घाघरा नदी में संभावित बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। शुक्रवार दोपहर तहसील सभागार में उपजिलाधिकारी आनंद तिवारी की अध्यक्षता में बाढ़ पूर्व तैयारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों और ग्राम प्रशासकों ने भाग लिया। बैठक में एसडीएम ने घाघरा नदी के किनारे बसे संवेदनशील गांवों के राजस्व निरीक्षकों, लेखपालों और पंचायत सचिवों को 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी कर्मचारी बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ेगा तथा नदी के जलस्तर की जानकारी प्रतिदिन तहसील कंट्रोल रूम को उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

बैठक के दौरान स्वास्थ्य विभाग को भी आवश्यक तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए गए। प्रभारी चिकित्साधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामनगर और सूरतगंज को बाढ़ चौकियों पर मेडिकल टीमों की तैनाती सुनिश्चित करने के साथ ही ओआरएस, क्लोरीन टेबलेट, सर्पदंश और डायरिया की दवाओं का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रखने को कहा गया। वहीं पशु चिकित्सा अधिकारी को पशुओं के लिए चारा-भूसा, टीकाकरण और पशु एंबुलेंस की व्यवस्था पहले से तैयार रखने के निर्देश दिए गए, ताकि बाढ़ के दौरान किसी प्रकार की समस्या न उत्पन्न हो।

18 गांव हर वर्ष बाढ़ से प्रभावित होते हैं

एसडीएम ने एडीओ पंचायत को निर्देशित किया कि सभी बाढ़ चौकियों पर नाव, प्रशिक्षित गोताखोर, लाइफ जैकेट और रस्सों की व्यवस्था समय से पूरी कर ली जाए। इसके अलावा राहत सामग्री के रूप में राशन किट, पॉलीथिन शीट, मोमबत्ती और मिट्टी के तेल का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने को भी कहा गया। उन्होंने बताया कि टेपरा, किशुनपुर, सरैंया, भिठौरा समेत कुल 18 गांव हर वर्ष बाढ़ से प्रभावित होते हैं, इसलिए इन क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाएगी। साथ ही गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर रूप से बीमार लोगों की सूची पहले से तैयार करने के निर्देश दिए गए, ताकि आपात स्थिति में उन्हें तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।

बाढ़ कंट्रोल रूम 24 घंटे रहेगा संचालित

इस खास बैठक में ग्रामों के प्रशासक भी मौजूद रहे। वहीं एसडीएम आनंद तिवारी ने निर्देश दिए कि ग्राम स्तर पर व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर सभी संबंधित विभागों और कर्मचारियों के बीच सूचनाओं का तत्काल आदान-प्रदान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि बाढ़ कंट्रोल रूम 24 घंटे संचालित रहेगा और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है।