
लखनऊ। आत्मनिर्भरता और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ने के उद्देश्य से समाज कल्याण मंत्रालय और अनुगम के संयुक्त प्रयास से शुक्रवार को गोमतीनगर स्थित भागीदारी भवन में ‘उद्यमिता विकास कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में राज्यमंत्री ने कहा कि उद्यमिता आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विमुक्त, घुमंतू और अर्द्धघुमंतू (डीएनटी) समुदायों के युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है। उन्होंने छोटे-छोटे समूह बनाकर सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर रोजगार सृजक बनने का आह्वान किया। योजनाओं की दी गई जानकारी।
विशेषज्ञों ने विभिन्न योजनाओं की जानकारी की साझा
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना (पीएम अजय-जीआईए), प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, सीएम युवा योजना, ओडीओपी, विश्वकर्मा सर्वसम्मान योजना, स्टैंड-अप इंडिया, स्टार्ट-अप इंडिया और प्रधानमंत्री मुद्रा योजना सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी विशेषज्ञों द्वारा दी गई। कार्यक्रम में उपस्थित डिक्की के प्रदेश अध्यक्ष मनीष वर्मा ने बताया कि किस तरह वंचित वर्ग के लोग सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर अपना व्यवसाय चला सकते हैं। बैंक ऑफ बड़ौदा के असिस्टेंट जनरल मैनेजर अनुज शर्मा ने ऋण प्राप्ति, व्यवसाय स्थापना और वित्तीय सहायता की प्रक्रियाओं पर मार्गदर्शन दिया।
वन-टू-वन काउंसलिंग सत्र में मिला मार्गदर्शन
कार्यक्रम में वन-टू-वन काउंसलिंग सत्र चलाया गया, जिसमें उनकी रुचि और जरूरत के अनुसार व्यक्तिगत मार्गदर्शन दिया गया। उप निदेशक, भागीदारी भवन आनंद कुमार सिंह ने बताया कि हर सप्ताह यह प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जाएगा, जिसमें उद्यमिता के संबंध में जानकारी दी जाएगी। इस अवसर पर डिक्की, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कुँवर शशांक, विपिन कुमार पांडेय सहित अन्य अधिकारी एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे ।