UP में मानसून की दस्तक अब दूर नहीं: पूर्वांचल से होगी बारिश की शुरुआत, जानिए कब किस क्षेत्र में पहुंचेगा मानसून

लखनऊ। उत्तर प्रदेश इन दिनों झुलसाने वाली गर्मी और उमस से बेहाल है। प्रदेशभर के लोग मानसून का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। अब मौसम विभाग के संकेत राहत भरी खबर लेकर आए हैं। भारतीय मौसम विभाग के दक्षिण-पश्चिम मानसून प्रोग्रेस चार्ट के अनुसार मानसून पूर्वी भारत में तेजी से आगे बढ़ चुका है और अब उत्तर प्रदेश की ओर रुख कर रहा है। यदि वर्तमान परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं तो अगले कुछ दिनों में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल सकता है और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है।

मानसून की मौजूदा चाल पर नजर डालें तो इसकी बंगाल की खाड़ी शाखा बिहार और उससे सटे क्षेत्रों तक पहुंच चुकी है। ऐसे में सबसे पहले पूर्वी उत्तर प्रदेश में मानसून का प्रभाव देखने को मिलने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पर्याप्त नमी और अनुकूल हवाओं का प्रवाह बना रहता है तो पूर्वांचल के जिलों में जल्द ही झमाझम बारिश का सिलसिला शुरू हो सकता है। इससे लंबे समय से गर्मी और उमस झेल रहे लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

23 से 25 जून के बीच पूर्वांचल में बदल सकता है मौसम

गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, बलिया, गाजीपुर और वाराणसी समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 23 से 25 जून के बीच मौसम तेजी से करवट ले सकता है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार कई स्थानों पर तेज हवाएं चल सकती हैं और बिजली चमकने की घटनाएं भी देखने को मिल सकती हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

25 से 28 जून के बीच मध्य यूपी में शुरू हो सकती है अच्छी बारिश

पूर्वांचल में सक्रिय होने के बाद मानसून धीरे-धीरे मध्य उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ेगा। राजधानी लखनऊ सहित अयोध्या, बाराबंकी, सुल्तानपुर, अमेठी और प्रयागराज जैसे जिलों में 25 से 28 जून के बीच अच्छी बारिश की शुरुआत होने की संभावना जताई जा रही है। लंबे समय से तपिश और उमस का सामना कर रहे लोगों के लिए यह बारिश राहत लेकर आ सकती है। साथ ही तापमान में भी गिरावट दर्ज होने की उम्मीद है।

पश्चिमी यूपी को करना पड़ सकता है थोड़ा और इंतजार

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को मानसून के लिए अभी कुछ और दिन इंतजार करना पड़ सकता है। नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, आगरा, अलीगढ़ और आसपास के इलाकों में जून के अंतिम दिनों से लेकर जुलाई के शुरुआती सप्ताह के बीच मानसूनी बारिश पहुंचने के आसार हैं। हालांकि मानसून के पहुंचने से पहले इन क्षेत्रों में धूल भरी आंधी, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं, जिससे मौसम में अस्थायी राहत मिल सकती है।

तेज हवाओं और आंधी का भी अलर्ट

मौसम में बदलाव के इस दौर के दौरान हवा की रफ्तार भी बढ़ सकती है। प्रदेश के कई जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर इससे भी अधिक रफ्तार वाले झोंके महसूस किए जा सकते हैं। ऐसे हालात में किसानों, बिजली विभाग और स्थानीय प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता होगी ताकि किसी भी संभावित नुकसान को समय रहते रोका जा सके।

आने वाला सप्ताह दे सकता है बड़ी राहत

फिलहाल मौसम की सबसे बड़ी गतिविधि पूर्वी उत्तर प्रदेश पर केंद्रित दिखाई दे रही है। यदि मानसून की वर्तमान रफ्तार बनी रहती है तो आने वाला सप्ताह प्रदेश के अधिकांश हिस्सों के लिए राहतभरा साबित हो सकता है। पूर्वांचल से शुरू होने वाला बारिश का यह सिलसिला धीरे-धीरे पूरे उत्तर प्रदेश को अपनी चपेट में ले सकता है और लोगों को भीषण गर्मी तथा उमस से काफी हद तक निजात मिल सकती है।