
हाथरस। स्वास्थ्य विभाग द्वारा समय-समय पर झोलाछाप डाक्टरों के विरुद्ध कार्रवाई का अभियान चलाए जाने के बावजूद इनका धंधा बंद नहीं हो रहा है। कार्रवाई के दौरान क्लीनिक कुछ दिनों के लिए शटर डाउन हो जाते हैं, लेकिन कुछ ही दिन बाद फिर से खुल जाते हैं। यह सोचनीय विषय है कि आखिर ऐसी कौन-सी कार्रवाई होती है जिसके बाद झोलाछाप डाक्टर बेखौफ होकर अपने क्लीनिक दोबारा खोल लेते हैं।
जनपद की बस्तियों में दर्जनों झोलाछाप डाक्टर खुलेआम इलाज के नाम पर मरीजों से पैसे वसूल रहे हैं। जबकि तत्कालीन नोडल अधिकारी ने कई झोलाछाप क्लीनिकों पर कार्रवाई की थी, बावजूद इसके आज भी इनका संचालन जारी है। सवाल यह उठता है कि स्वास्थ्य विभाग कब इन अवैध क्लीनिकों के विरुद्ध कठोर कदम उठाएगा या फिर झोलाछाप डाक्टरों का यह खेल यूं ही चलता रहेगा।