
बाराबंकी (रामनगर)। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को देश के प्रथम उप प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, भारत रत्न और राष्ट्रीय एकता के सूत्रधार लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई। यह आयोजन बुढ़वल चौराहा स्थित विहिप कार्यालय पर किया गया।
इस अवसर पर विहिप के जिला मंत्री राहुल कुमार ने सरदार पटेल के योगदान को याद करते हुए कहा, “यदि लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल देश के पहले प्रधानमंत्री होते, तो आज भारत की दिशा और दशा कुछ और होती।” उन्होंने पटेल के ऐतिहासिक शब्दों को उद्धृत करते हुए कहा — “मैं मंदिर निर्माण का संकल्प नहीं ले रहा हूं, बल्कि एक विदेशी आक्रांता द्वारा तोड़े गए मंदिर पर राष्ट्रीय गौरव की पुनर्प्रतिष्ठा का संकल्प ले रहा हूं।”
राहुल कुमार ने कहा कि सरदार पटेल के दृढ़ निश्चय, ध्येयनिष्ठा और प्रबल राष्ट्रवाद की भावना के कारण ही हैदराबाद और जूनागढ़ जैसी रियासतें पाकिस्तान में जाने से बचीं और भारत की एकता व अखंडता कायम रही।
कार्यक्रम में प्रखंड अध्यक्ष रमाकांत वर्मा, जिला प्रचार प्रसार प्रमुख सुमित्रा प्रसाद शुक्ला, आशुतोष दुबे, गोलू त्रिपाठी, अरुण सहित अनेक विहिप कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने सरदार पटेल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और राष्ट्रीय एकता दिवस का संकल्प लिया।