लखीमपुर का गौरव: शिक्षक रतन कालरा ने 126 घंटे की मैराथन क्लास लेकर बनाया ‘इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में नाम

लखीमपुर खीरी। शिक्षा के क्षेत्र में संकल्प और जुनून की नई मिसाल कायम करते हुए युवा शिक्षक रतन कालरा ने 126 घंटे की लगातार ऑनलाइन क्लास लेकर इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज करा लिया है। यह उपलब्धि उन्हें देशभर में विशेष पहचान दिला रही है।
शिक्षा की ऐतिहासिक मैराथन
डिजिटल युग में जहां एक घंटे की कक्षा के बाद ही थकान महसूस होने लगती है, वहीं रतन कालरा ने लगातार पांच दिनों से अधिक समय तक ऑनलाइन शिक्षण कर एक अनोखा रिकॉर्ड बनाया। इस दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से हजारों छात्र उनसे जुड़े रहे। उन्होंने गणित विषय की जटिल अवधारणाओं को सरल तरीके से समझाकर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। यह सत्र किसी भी शिक्षक द्वारा लिए गए सबसे लंबे निरंतर शैक्षिक सत्रों में से एक माना जा रहा है।
उपलब्धियों से भरा सफर
रतन कालरा को पहले से ही ‘भारत के सबसे युवा शिक्षक’ के रूप में पहचान मिल चुकी है। कम उम्र में उन्होंने शिक्षा जगत में उल्लेखनीय मुकाम हासिल किया है। उनकी शिक्षण शैली और गणित पर मजबूत पकड़ के चलते उनके द्वारा लिखित तीन से अधिक गणित की पुस्तकें छात्रों के बीच लोकप्रिय हैं।
FSIA अवार्ड्स 2026 के लिए नामांकन
लखीमपुर के लिए यह गौरव का क्षण है कि रतन कालरा प्रतिष्ठित FSIA अवार्ड्स 2026 के लिए नामांकित हुए हैं। यह नामांकन शिक्षा क्षेत्र में उनके नवाचार और निरंतर परिश्रम का सम्मान माना जा रहा है।
“मेरा उद्देश्य केवल पढ़ाना नहीं, बल्कि छात्रों को यह दिखाना है कि निरंतरता और दृढ़ संकल्प से किसी भी लक्ष्य को पाया जा सकता है। 126 घंटे की यह क्लास उन सभी छात्रों को समर्पित है जो बड़े सपने देखते हैं।” — रतन कालरा
भविष्य की ओर बढ़ते कदम
इस उपलब्धि के साथ रतन कालरा ने यह साबित कर दिया है कि उम्र केवल एक संख्या है। अब नजरें वर्ष 2026 में होने वाले FSIA अवार्ड्स पर टिकी हैं, जहां वे एक बार फिर अपने जिले और देश का मान बढ़ाने का प्रयास करेंगे।