
लखनऊ: प्रदेश में मौसम ने करवट ले ली है और तेज आंधी, बारिश तथा ओलावृष्टि को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तेज हवाओं के साथ बारिश और बिजली गिरने की आशंका है, जिससे आम जनजीवन और कृषि क्षेत्र पर व्यापक असर पड़ सकता है। प्रशासन ने लोगों और किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
तेज हवाओं और खराब मौसम का सबसे ज्यादा प्रभाव जनजीवन पर पड़ने की संभावना है। दृश्यता में कमी के कारण सड़क और हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है। कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित होने, पेड़ गिरने और कमजोर मकानों को नुकसान होने का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान घरों में ही रहें, खिड़की-दरवाजे बंद रखें और अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें। बिजली के उपकरणों का सावधानीपूर्वक उपयोग करने और खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
कृषि क्षेत्र में भी इस मौसम का प्रभाव गंभीर हो सकता है। इस समय अरहर, सरसों, मटर और चना जैसी फसलें परिपक्व अवस्था में हैं, जिन पर तेज हवा और बारिश का सीधा असर पड़ सकता है। फसलों के गिरने, दाने झड़ने और उत्पादन घटने की आशंका है। वहीं गेहूं, मक्का और मूंग की फसलों में भी पौधों के टूटने और उपज कम होने का खतरा है।
फल और सब्जी उत्पादकों के लिए भी यह मौसम चुनौतीपूर्ण है। आम, केला और पपीता जैसी फसलों में फूल और फल गिर सकते हैं, जिससे उत्पादन प्रभावित होगा। टमाटर, प्याज, बैंगन और हरी सब्जियों की फसलों में भी नुकसान की संभावना जताई गई है।
विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि पकी हुई फसलों की जल्द कटाई कर लें और खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखें। तेज हवा के दौरान सिंचाई से बचें और पौधों को सहारा दें। बागवानी फसलों में समय पर दवाओं का छिड़काव करने की भी सलाह दी गई है।
प्रशासन ने कहा है कि किसी भी आपदा से निपटने के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। लोगों से अपील की गई है कि मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत संबंधित विभाग से संपर्क करें।