
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) ने अपनी राजनीतिक सक्रियता तेज कर दी है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री Ramdas Athawale ने कहा कि संगठन को ब्लॉक स्तर तक मजबूत किया जा रहा है, ताकि आने वाले चुनाव में जनता की आवाज को प्रभावी ढंग से उठाया जा सके।
आठवले ने स्पष्ट किया कि केंद्र में एनडीए की सहयोगी होने के नाते RPI (A), Bharatiya Janata Party के साथ उत्तर प्रदेश में भी गठबंधन कर चुनाव लड़ना चाहती है। उन्होंने 25 सीटों की मांग रखते हुए कहा कि यदि यह मांग पूरी नहीं होती है तो पार्टी अकेले चुनाव मैदान में उतरने के लिए भी तैयार है।
महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दे पर उन्होंने Indian National Congress और Samajwadi Party पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि इन दलों का रुख महिलाओं के हित में नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि इन पार्टियों ने महिला आरक्षण बिल का विरोध कर महिलाओं के विकास में बाधा डाली है।
दलित, पिछड़े और वंचित वर्गों को लेकर आठवले ने कहा कि उनकी पार्टी इन समुदायों की आवाज बनकर काम कर रही है। उनका आरोप था कि अन्य दलों ने इन वर्गों के वोट तो लिए, लेकिन उनके विकास के लिए ठोस प्रयास नहीं किए। उन्होंने Bahujan Samaj Party पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि पार्टी का प्रभाव अब कम हो चुका है।
उन्होंने मुख्यमंत्री Yogi Adityanath से मांग की कि दलित बहुल गांवों में समाज भवन बनाए जाएं और उनका संचालन स्थानीय लोगों को सौंपा जाए, जिससे सामाजिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिल सके।
आठवले ने जानकारी दी कि 26 नवंबर को Defence Expo Ground में एक बड़ी रैली आयोजित की जाएगी, जिसमें एक लाख से अधिक लोगों के जुटने का दावा किया गया है। उन्होंने कहा कि पार्टी सभी जातियों को साथ लेकर वंचितों के विकास के लिए काम करने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।
साथ ही उन्होंने Akhilesh Yadav पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनकी पार्टी पूरी तरह असफल हो चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर Mulayam Singh Yadav होते तो स्थिति अलग होती। महिला आरक्षण के मुद्दे पर अखिलेश यादव को समर्थन करना चाहिए था, लेकिन उन्होंने इसका विरोध कर प्रदेश की महिलाओं को नुकसान पहुंचाया।