
लखनऊ। डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के जनरल सर्जरी विभाग ने एक बार फिर जटिल सर्जरी के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। संस्थान के डॉक्टर विकास सिंह और उनकी टीम ने पैंक्रियाज के गंभीर कैंसर से पीड़ित मरीज की दूरबीन विधि (लेप्रोस्कोपिक तकनीक) से सफल सर्जरी कर चिकित्सा जगत में नया मानक स्थापित किया है।
लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के मुताबिक प्रदेश के अधिकांश चिकित्सा संस्थानों में पैंक्रियाज कैंसर जैसी जटिल सर्जरी सामान्यतः जनरल सर्जरी विभाग में नहीं की जाती हैं। ऐसे मामलों में बड़े चीरे वाले पारंपरिक ऑपरेशन किए जाते हैं, जिनमें मरीज को लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ता है। वहीं दूरबीन विधि से इस तरह की सर्जरी करना अत्यंत चुनौतीपूर्ण माना जाता है और इसकी सुविधाएं भी सीमित हैं।
पेट दर्द, पीलिया और खून की उल्टियों से परेशान था मरीज
आजमगढ़ निवासी 32 वर्षीय हरिराम यादव, जो पेशे से जेसीबी चालक हैं, पिछले दो महीनों से पेट दर्द और पीलिया की समस्या से जूझ रहे थे। कई स्थानों पर उपचार कराने के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। अप्रैल माह में उन्हें खून की उल्टियां और मलद्वार से रक्तस्राव की शिकायत भी शुरू हो गई। लगातार बुखार के कारण उनकी स्थिति और गंभीर होती चली गई।
कई जगहों से निराश होने के बाद हरिराम यादव ने बुधवार को डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान की ओपीडी में डॉक्टर विकास सिंह से परामर्श लिया। जांचों के बाद उनके पैंक्रियाज के हेड में गंभीर कैंसर की पुष्टि हुई।
मरीज के हित में लिया गया दूरबीन विधि से ऑपरेशन का फैसला
रोग की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टर विकास सिंह और उनकी टीम ने मरीज के हित में दूरबीन विधि से ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। यह जटिल सर्जरी पूरी तरह लेप्रोस्कोपिक तकनीक से सफलतापूर्वक संपन्न की गई।
करीब 12 घंटे तक चले इस ऑपरेशन में डॉ सपना सिंह, डॉ हिमांशु मिश्रा, डॉ मोहम्मद साद, डॉ समाया बाजपेई और डॉ आकाश त्रिपाठी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं बेहोशी विभाग के डॉ अनुराग श्रीवास्तव और उनकी टीम का योगदान भी सराहनीय रहा।
ऑपरेशन के बाद सामान्य जीवन में लौटा मरीज
संस्थान के मुताबिक ऑपरेशन के बाद मरीज पूरी तरह स्वस्थ है और अपनी सामान्य दिनचर्या में लौट चुका है। इस जटिल सर्जरी की सफलता पर संस्थान प्रशासन ने डॉ विकास सिंह, डॉ अनुराग श्रीवास्तव और पूरी चिकित्सा टीम को बधाई दी है।