विजय उत्सव में संस्कृति और देशभक्ति का संगम, बच्चों की प्रस्तुतियों ने मोहा मन


विजय उत्सव के तहत शनिवार शाम महाराजा सुहेलदेव स्मारक स्थल का ऑडिटोरियम संस्कृति, लोककला और देशभक्ति के रंगों से सराबोर नजर आया। आयोजित सांस्कृतिक संध्या में कलाकारों और स्कूली बच्चों की शानदार प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। देर रात तक तालियों की गूंज से पूरा सभागार उत्साह से भरा रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत लोकगायन और भक्ति गीतों से हुई। संस्कृति विभाग के पंजीकृत कलाकारों वंदना मिश्रा एंड पार्टी, सुरेश कुशवाहा एंड पार्टी और सुचित्रा पाण्डेय एंड पार्टी ने लोकगीत, भजन और देशभक्ति गीत प्रस्तुत कर माहौल को भक्तिमय बना दिया। कलाकारों की प्रस्तुतियों पर दर्शक झूम उठे।
सांस्कृतिक संध्या का सबसे भावुक क्षण तब आया जब बाबा सुन्दर सिंह मूक-बधिर विद्यालय के दिव्यांग बच्चों ने “मेरे देश की धरती सोना उगले” गीत पर प्रस्तुति दी। बच्चों के आत्मविश्वास और कला ने दर्शकों को भावुक कर दिया और पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा।
परिषदीय विद्यालयों के बच्चों ने भी मंच पर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। फखरपुर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय के बच्चों ने योगासन की आकर्षक प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। वहीं कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय तेजवापुर की छात्राओं ने “देश की माटी सोना उगले” और “पप्पा जल्दी घर आ जाना” गीतों पर समूह नृत्य प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लूटी।
गुरु कृपा डिवाइन ग्रेस पब्लिक स्कूल के बच्चों ने समूहगान “लक्ष्य” और गणेश वंदना प्रस्तुत की, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। वहीं राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की छात्राओं ने “भारत की बूटी” गीत पर प्रस्तुति दी। विद्यालय की छात्रा रोशनी ने बालिका सशक्तिकरण पर स्वयं रचित कविता पाठ कर सभी का ध्यान आकर्षित किया।
सांस्कृतिक संध्या में लोककला, देशभक्ति और सामाजिक संदेशों का सुंदर समन्वय देखने को मिला। बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने देर रात तक कार्यक्रम का आनंद लिया।