
लखनऊ। शहर को स्वच्छ, हरित एवं आधुनिक बनाने की दिशा में लखनऊ नगर निगम लगातार कार्य कर रहा है। इसी क्रम में गुरूवार को उत्तर प्रदेश सरकार के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने जोन-4 के भैंसोरा स्थित अत्याधुनिक FCTS प्लांट का उद्घाटन किया। लगभग 9 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस प्लांट की क्षमता प्रतिदिन लगभग 150 टन कूड़े के निस्तारण की है।
इस अवसर पर लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल एवं नगर आयुक्त गौरव कुमार भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान मंत्री एके शर्मा ने कहा कि नगर निगम द्वारा स्वच्छता व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा द्वारा लगातार लखनऊ के विकास हेतु अनेक महत्वपूर्ण कार्य कराए जा रहे हैं। शहर में पानी, नाली एवं बारिश के दौरान जलभराव जैसी समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। फैजुल्लागंज क्षेत्र में लंबे समय से लंबित नाले का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है इसके बनने से क्षेत्र के लोगों को बहुत फायदा हुआ है।
वहीं किला मोहम्मदी नाले का निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ होने जा रहा है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि लखनऊ में कहीं भी कूड़े के ढेर दिखाई न दें तथा प्रतिदिन कूड़े का नियमित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। लखनऊ को स्वच्छ, सुंदर, हरित एवं आधुनिक शहर बनाने के उद्देश्य से नगर निगम लगातार कार्य कर रहा है, ताकि यहां आने वाला प्रत्येक व्यक्ति शहर की स्वच्छता एवं हरियाली से प्रभावित हो।
नगर निगम द्वारा 8 जोन में कुल 51 स्थलों पर PCTS एवं FCTS निर्माण हेतु स्थान चिन्हित किए गए हैं। इनमें से 24 स्थलों पर कार्य पूर्ण हो चुका है, 15 स्थानों पर निर्माण कार्य प्रगति पर है तथा शेष 12 स्थानों पर शीघ्र कार्य प्रारंभ किया जाएगा।भैंसोरा स्थित इस प्लांट के संचालन से भरवारा वार्ड, मल्हौर वार्ड, खरगापुर वार्ड एवं गोमती नगर विस्तार सहित आसपास के क्षेत्रों के कूड़ा संग्रहण एवं निस्तारण की व्यवस्था अधिक सुदृढ़ होगी। साथ ही आसपास के समस्त जीवीपी (गार्बेज वल्नरेबल पॉइंट्स) का भी समापन किया जा सकेगा।
लगभग 2 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित इस परिसर में 150 वाहनों के लिए चार्जिंग पॉइंट की व्यवस्था भी की गई है, जिससे इलेक्ट्रिक वाहनों के संचालन को बढ़ावा मिलेगा। इसके अतिरिक्त परिसर में ग्रीन बेल्ट एवं हरियाली के लिए पर्याप्त स्थान विकसित किया गया है तथा अब तक लगभग 4000 पौधों का रोपण भी किया जा चुका है।