Ram Mandir Donation Case: 19 घंटे तक चली SIT जांच, टिन्नू यादव ने पहली बार तोड़ी चुप्पी

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले में SIT ने दो दिनों में 19 घंटे तक जांच की। इस बीच मुख्य चर्चित नाम टिन्नू यादव पहली बार कैमरे पर आए और अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया।

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा मामले की जांच करती SIT टीम
राम मंदिर चढ़ावा मामले में SIT ने दो दिनों तक गहन जांच की।

नई दिल्ली/अमर भारती। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच अब निर्णायक चरण में पहुंचती दिखाई दे रही है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) ने लगातार दो दिनों तक मंदिर परिसर में मैराथन जांच करते हुए कुल 19 घंटे तक विभिन्न व्यवस्थाओं की पड़ताल की। इस दौरान जांच टीम ने केवल दस्तावेजों और रिकॉर्ड की समीक्षा ही नहीं की, बल्कि दानपात्रों से नकदी निकालने, नोटों की गड्डियां बनाने, गिनती की प्रक्रिया और सुरक्षा व्यवस्था को भी करीब से परखा। इसी बीच, सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा में रहे रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आए और अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों का जवाब दिया।

दो दिन, 19 घंटे और कई अहम सवाल

सूत्रों के अनुसार, SIT ने पहले दिन करीब 8 घंटे और दूसरे दिन लगभग 11 घंटे तक मंदिर परिसर में रहकर जांच की। टीम ने चढ़ावा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विभागों के कर्मचारियों से पूछताछ की और नकदी प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया को समझने का प्रयास किया। जांच अधिकारियों ने चढ़ावा कक्ष में लगे सीसीटीवी कैमरों का डेटा भी अपने कब्जे में लिया है। बताया जा रहा है कि रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखने के लिए कई डिजिटल स्टोरेज डिवाइस में कॉपी किया गया है, ताकि आगे तकनीकी विश्लेषण किया जा सके। SIT अब उन पूर्व कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच करेगी, जो पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न कारणों से सेवा छोड़ चुके हैं। आवश्यकता पड़ने पर उनसे भी पूछताछ की जा सकती है।

कर्मचारियों की संपत्तियों पर भी नजर

जांच के दौरान कुछ ऐसे कर्मचारियों की जानकारी सामने आई है जिन्होंने हाल के वर्षों में महंगे मोबाइल फोन, वाहन या अन्य संपत्तियां खरीदी हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इन खरीदों के पीछे आय के वैध स्रोत क्या थे। हालांकि अभी तक किसी कर्मचारी को दोषी नहीं ठहराया गया है और जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। SIT सभी तथ्यों और वित्तीय रिकॉर्ड का मिलान कर रही है। इसके अलावा बैंकिंग प्रक्रिया को समझने के लिए संबंधित बैंक अधिकारियों से भी विस्तृत जानकारी जुटाई गई है।

पहली बार कैमरे पर आए टिन्नू यादव

मामले में सबसे अधिक चर्चा में रहे रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव ने पहली बार मीडिया के सामने आकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उनका नाम बिना पर्याप्त तथ्यों के विवादों में घसीटा जा रहा है। टिन्नू यादव के अनुसार, वह वर्ष 1993 से धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्षों तक विभिन्न सेवा कार्यों में योगदान देने के बाद उन्हें मंदिर परिसर में भी जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं। उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रहे कथित चोरी, अवैध संपत्ति और करोड़ों रुपये की संपत्ति से जुड़े आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया।

मकान और आय को लेकर क्या कहा?

टिन्नू यादव ने अपने आवास और आर्थिक स्थिति को लेकर भी सफाई दी। उनका कहना है कि जिस मकान को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, उसकी जमीन उन्होंने कई वर्ष पहले खरीदी थी और बाद में अपनी आय तथा बचत से उसका निर्माण कराया। उन्होंने दावा किया कि धार्मिक गतिविधियों के अलावा उन्होंने निजी स्तर पर भी काम किया और उसी आय के आधार पर अपनी संपत्ति बनाई। साथ ही उन्होंने कहा कि उनके घर का कुछ हिस्सा किराये पर भी दिया गया था, जिससे अतिरिक्त आय होती रही।

जांच रिपोर्ट का इंतजार

राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर देशभर में लोगों की नजर SIT की जांच पर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में सीसीटीवी फुटेज, वित्तीय दस्तावेजों और कर्मचारियों से पूछताछ के आधार पर कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल जांच जारी है और अंतिम रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और किसी भी स्तर पर कोई अनियमितता हुई है या नहीं।

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