पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने वैभव सूर्यवंशी के मैदान पर हुए विवाद को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर वह कोच होते तो खिलाड़ी को अनुशासन सिखाने के लिए टीम से बाहर कर देते।

नई दिल्ली/अमर भारती। पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी विवाद को लेकर एक सख्त टिप्पणी की है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। मांजरेकर ने कहा कि अगर वह इंडिया ए टीम के कोच या मैनेजर होते तो वे अनुशासन सिखाने के लिए वैभव सूर्यवंशी को अगले मैच से बाहर रखते।
मैच के दौरान हुआ विवाद
यह पूरा मामला हाल ही में श्रीलंका ए और इंडिया ए के बीच खेले गए ट्राई-सीरीज मुकाबले का है, जहां सुपर ओवर में श्रीलंका ए ने रोमांचक जीत दर्ज की। मैच के दौरान मैदान पर तनावपूर्ण माहौल देखने को मिला, जब भारतीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और श्रीलंकाई खिलाड़ी विशेन हलंबागे के बीच तीखी बहस हो गई। स्थिति तब और बिगड़ गई जब कैमरों में वैभव सूर्यवंशी को गुस्से में विरोधी खिलाड़ी की ओर बढ़ते हुए और धक्का-मुक्की करते हुए देखा गया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और इसके बाद क्रिकेट जगत में इस पर बहस शुरू हो गई।
स्लेजिंग से शुरू हुआ विवाद
रिपोर्ट्स के अनुसार, श्रीलंकाई खिलाड़ी विशेन हलंबागे ने मैच की शुरुआत से ही वैभव सूर्यवंशी को स्लेज करने की कोशिश की थी। बताया जा रहा है कि उन्होंने दूसरे मुकाबले के दौरान भी भारतीय बल्लेबाज को ताने मारे। एक कथित बयान के अनुसार हलंबागे ने सूर्यवंशी से कहा था, “घर जाओ, ये आईपीएल नहीं है।” इस टिप्पणी के बाद वैभव सूर्यवंशी अपना आपा खो बैठे और मैदान पर तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई।
संजय मांजरेकर का रिएक्शन
इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय मांजरेकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (Twitter) पर लिखा: “अगर मैं इंडिया ए का कोच या मैनेजर होता तो मैं वैभव सूर्यवंशी को अफगानिस्तान के खिलाफ अगले मैच से बाहर रखता, सिर्फ यह सिखाने के लिए कि मैदान पर हाथापाई किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है, चाहे उकसावा कितना भी हो।” मांजरेकर ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि क्रिकेट में अनुशासन सबसे महत्वपूर्ण है और किसी भी स्थिति में शारीरिक विवाद को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
सोशल मीडिया पर बहस तेज
मांजरेकर के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर दो धड़े बन गए हैं। एक पक्ष का कहना है कि खिलाड़ियों को मैदान पर संयम बनाए रखना चाहिए, जबकि दूसरा पक्ष मानता है कि बार-बार स्लेजिंग के बाद युवा खिलाड़ी की प्रतिक्रिया को पूरी तरह गलत नहीं ठहराया जा सकता।
क्रिकेट में अनुशासन पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर क्रिकेट में अनुशासन बनाम आक्रोश की बहस को जन्म दे दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि युवा खिलाड़ियों को मानसिक रूप से मजबूत बनाने की जरूरत है, ताकि वे किसी भी तरह के दबाव में अपना संयम न खोएं। वैभव सूर्यवंशी और श्रीलंका ए खिलाड़ी के बीच हुआ यह विवाद अब सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह क्रिकेट में खेल भावना और अनुशासन को लेकर बड़ी चर्चा का विषय बन गया है। संजय मांजरेकर के बयान ने इस बहस को और भी तेज कर दिया है, और अब सभी की नजरें इस पर हैं कि क्रिकेट बोर्ड इस मामले में क्या कदम उठाता है।
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