
पकंज चतुर्वेदी
लखनऊ। प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अग्निशमन विभाग के सुरक्षा मानकों की अनदेखी का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। शहर के कई होटल, गेस्ट हाउस, निजी कार्यालय और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान अग्नि सुरक्षा नियमों को दरकिनार कर लोगों की जान को जोखिम में डाल रहे हैं। कई स्थानों पर आवश्यक अग्निशमन उपकरण या तो लगाए ही नहीं गए हैं, और जहां लगाए गए हैं वहां उनकी स्थिति ऐसी है कि आपातकाल के समय उनका उपयोग संभव नहीं है।
जानकारी के मुताबिक भवन स्वामी और संस्थान संचालक फायर विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त करने के दौरान सभी सुरक्षा मानकों का पालन करने का दावा करते हैं, लेकिन बाद में उपकरणों के रखरखाव और नियमित जांच को लेकर लापरवाही बरतते हैं। कई प्रतिष्ठानों में लगे फायर एक्सटिंग्विशर की वैधता अवधि समाप्त हो चुकी है, बावजूद इसके उन्हें बदला नहीं गया है। ऐसे में किसी भी आपात स्थिति में ये उपकरण प्रभावी साबित नहीं हो सकते।
शुरुआती आग पर नियंत्रण में अहम भूमिका निभाते हैं फायर सिलेंडर
अग्नि सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि आग लगने की शुरुआती घटनाओं में फायर सिलेंडर और अन्य अग्निशमन उपकरण सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यदि समय रहते इनका सही तरीके से उपयोग किया जाए तो बड़ी दुर्घटनाओं को टाला जा सकता है। लेकिन खराब, खाली या एक्सपायर हो चुके उपकरण न केवल बेकार साबित होते हैं बल्कि लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा भी बन जाते हैं।
बढ़ती बहुमंजिला इमारतों के बीच सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
राजधानी में तेजी से बढ़ रही बहुमंजिला इमारतों, होटलों और व्यावसायिक परिसरों के बीच अग्नि सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतना आवश्यक है। इसके बावजूद कई संचालक केवल औपचारिकताएं पूरी कर नियमों से बचने की कोशिश कर रहे हैं। इससे वहां कार्यरत कर्मचारियों, आने वाले ग्राहकों और आम नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं।
औचक निरीक्षण और सख्त कार्रवाई की उठी मांग
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि फायर विभाग को समय-समय पर औचक निरीक्षण अभियान चलाकर ऐसे प्रतिष्ठानों की जांच करनी चाहिए जो सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रहे हैं। उनका मानना है कि केवल दस्तावेजों में सुरक्षा व्यवस्था दिखाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर सभी अग्निशमन उपकरणों का कार्यशील और सुरक्षित स्थिति में होना भी उतना ही जरूरी है।
कब तक जारी रहेगी लापरवाही ?
शहर में लगातार सामने आ रही लापरवाहियों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि आखिर कब तक कुछ होटल, गेस्ट हाउस और कार्यालय संचालक नियमों की अनदेखी कर लोगों की सुरक्षा को खतरे में डालते रहेंगे। विशेषज्ञों और नागरिकों का मानना है कि संबंधित विभाग को नियमित जांच अभियान चलाकर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना को रोका जा सके।
फायर विभाग ने दी कार्रवाई की चेतावनी
इस संबंध में हजरतगंज के फायर सर्विस ऑफिसर आरके रावत ने बताया कि अग्नि सुरक्षा मानकों से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत विभिन्न कार्यालयों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा रहा है। जिन संस्थानों में अग्निशमन यंत्र नहीं पाए जाएंगे या सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाएगा, उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।