
पुरवा। शारदा नहर से निकली माइनर पर टीकर कला और मिश्रीखेड़ा गांव को जोड़ने वाला पैदल मार्ग टूट जाने से क्षेत्र के किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। करीब 15 दिन बीत जाने के बावजूद मार्ग की मरम्मत न होने से किसानों में नाराजगी है।
स्थानीय किसानों के अनुसार शारदा नहर के आसपास स्थित दर्जनों गांवों के लोग खेती-किसानी पर निर्भर हैं। टीकर कला और मिश्रीखेड़ा के बीच माइनर पर बना यह पैदल मार्ग किसानों के लिए खेतों तक पहुंचने का सबसे सुगम और सीधा रास्ता था। मार्ग के टूट जाने से किसानों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।
किसानों संतोष कुमार, मदन शर्मा, राम सहाय, नीरज नयन और गौरव ने बताया कि माइनर पर रखे गए पत्थर के पटरे काफी समय से जर्जर अवस्था में थे। लगभग 15 दिन पहले पानी के तेज बहाव के कारण ये पटरे टूट गए, जिससे रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। अब किसानों को खेतों तक पहुंचने के लिए नहर का पानी पार करना पड़ रहा है, जिससे दुर्घटना और बह जाने का खतरा बना हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि वैकल्पिक मार्ग काफी लंबा है, जिसके कारण खेतों तक पहुंचने में अतिरिक्त समय और श्रम लगता है। इससे खेती-किसानी के कार्य प्रभावित हो रहे हैं और दैनिक आवागमन भी मुश्किल हो गया है। किसानों ने विभागीय अधिकारियों से जल्द से जल्द मार्ग की मरम्मत कराए जाने की मांग की है।
क्या बोले नहर विभाग के अवर अभियंता
मामले में नहर विभाग के अवर अभियंता (जेई) सूर्यकांत ने बताया कि पैदल मार्ग टूटने की जानकारी उन्हें नहीं थी। उन्होंने कहा कि मौके का निरीक्षण कराया जाएगा और आवश्यक कार्रवाई करते हुए समस्या का शीघ्र समाधान कराया जाएगा।