अरुणाचल सीमा पर चीनी गतिविधि बढ़ी-किरेन रिजिजू

अरुणाचल सीमा: रिजिजू ने कांग्रेस सरकार की सीमा नीति पर उठाए सवाल

अरुणाचल सीमा पर चीनी गतिविधि को लेकर किरेन रिजिजू का बयान
अरुणाचल सीमा पर चीनी गतिविधि को लेकर किरेन रिजिजू का बयान

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अरुणाचल प्रदेश की सीमाओं पर मौजूदा हालात को लेकर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कुछ सीमावर्ती क्षेत्रों में चीनी सेना की गतिविधियां जरूर बढ़ी हैं, लेकिन भारत-चीन सीमा जैसे संवेदनशील मुद्दे पर फर्जी या गलत दावे नहीं किए जाने चाहिए। रिजिजू ने कहा कि सरकार स्थानीय लोगों की चिंताओं का समाधान करेगी और भारतीय क्षेत्र की रक्षा करेगी।

अरुणाचल सीमा पर चीनी गतिविधि को लेकर क्या बोले रिजिजू?

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने एक न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में भारत-चीन सीमा से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। इंटरव्यू के कुछ हिस्से उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर भी साझा किए।

वीडियो शेयर करते हुए रिजिजू ने कहा कि भारत-चीन सीमा मुद्दा गंभीर विषय है और ऐसे संवेदनशील मामले में गलत दावे नहीं किए जाने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार अतीत की गलतियों को दोहराना नहीं चाहती।

रिजिजू के मुताबिक, सरकार स्थानीय लोगों की चिंताओं का समाधान करने के साथ भारतीय क्षेत्र की रक्षा करेगी।

‘60 किलोमीटर घुसने’ के दावे पर रिजिजू की दो टूक

रिजिजू ने अरुणाचल प्रदेश में चीन की कथित घुसपैठ से जुड़े दावों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह दावा करना कि चीन 60 किलोमीटर अंदर तक घुस गया है, सही नहीं है और ऐसे दावे नहीं किए जाने चाहिए।

उन्होंने बताया कि अरुणाचल प्रदेश में भारत और चीन के बीच लंबी सीमा है। उनके अनुसार, जिस सीमा को अभी रेखांकित नहीं किया गया है, वहां सीमा स्तंभ भी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि बॉर्डर डिफाइन नहीं है और यह कोई नया मुद्दा नहीं है।

रिजिजू ने कांग्रेस सरकार की सीमा नीति पर उठाए सवाल

अरुणाचल प्रदेश से बीजेपी सांसद किरेन रिजिजू ने भारत-चीन सीमा पर तनाव के संदर्भ में पिछली सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सीमा रेखांकित नहीं होने की वजह से भारत और चीन के बीच तनाव बना रहता है।

रिजिजू ने कहा कि चीन ने पहले से ही रास्ते और हाईवे बनाने के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना शुरू कर दिया था। उन्होंने तत्कालीन रक्षा मंत्री एंटनी का जिक्र करते हुए दावा किया कि कांग्रेस सरकार के समय संसद में यह कहा गया था कि अरुणाचल प्रदेश में सीमा के पास रास्ते और इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं बनाया जाएगा।

रिजिजू के मुताबिक, भारत में सीमा क्षेत्र में रास्ते बनाने का काम 2014 के बाद शुरू हुआ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस नीति में बदलाव किया। उन्होंने कहा कि अब भारत की ओर से भी रास्ते और इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किए जा रहे हैं।

‘हम पिछली गलतियों को दोहराना नहीं चाहते’

केंद्रीय मंत्री ने भारत-चीन सीमा से जुड़े संवेदनशील मामले में सावधानी बरतने की जरूरत पर जोर दिया। उनका कहना है कि गलत दावों से बचना चाहिए और वास्तविक स्थिति को समझते हुए आगे बढ़ना चाहिए।

रिजिजू ने स्पष्ट किया कि सरकार स्थानीय लोगों की चिंताओं को दूर करने और भारतीय क्षेत्र की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

अब सीमा पर इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर

अरुणाचल सीमा पर चीनी गतिविधियों को लेकर किरेन रिजिजू के बयान ने एक बार फिर भारत-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे को चर्चा में ला दिया है। रिजिजू ने कुछ क्षेत्रों में चीनी गतिविधि बढ़ने की बात कही, लेकिन 60 किलोमीटर घुसपैठ जैसे दावों से बचने की अपील की। साथ ही उन्होंने सीमा क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर पिछली सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए। (Expose India)

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