मुख्यमंत्री से मिले प्रतिनिधिमंडल ने छाता शुगर मिल का मुद्दा उठाया, सीएम बोले- बनेगा शुगर कॉम्प्लेक्स

लखनऊ/कोसीकलां, मथुरा। छाता की बंद पड़ी शुगर मिल को दोबारा शुरू कराने की मांग को लेकर पिछले करीब एक पखवाड़े से चल रहे आंदोलन के बीच रविवार को प्रतिनिधिमंडल ने लखनऊ पहुंचकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने तीन बार मथुरा से सांसद रहे राजा मानवेंद्र सिंह के नेतृत्व में मुख्यमंत्री को छाता शुगर मिल की समस्या से अवगत कराया।

प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुगर मिल से जुड़े मुद्दे को गंभीरता से सुना और करीब 25 मिनट तक प्रतिनिधिमंडल के साथ चर्चा की। मुलाकात शाम करीब 5:30 बजे हुई।

पूर्व सांसद राजा मानवेंद्र सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री ने छाता में शुगर कॉम्प्लेक्स स्थापित किए जाने की बात कही है। मुलाकात के दौरान जब उनसे 25 सितंबर को प्रस्तावित शिलान्यास के संबंध में सवाल किया गया तो मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले टेंडर प्रक्रिया और लेआउट प्लान की प्रक्रिया पूरी होगी, इसके बाद शिलान्यास की तारीख तय की जाएगी।

प्रतिनिधिमंडल में शामिल पंडित जगदीश सोपानिया ने कहा कि 21 अगस्त को हुई महापंचायत में किसानों से वादा किया गया था कि मुख्यमंत्री से मुलाकात कर छाता शुगर मिल की समस्या उनके सामने रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने अपना वादा पूरा करते हुए मुख्यमंत्री से मुलाकात की और किसानों की समस्या से उन्हें अवगत कराया।

प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, मुख्यमंत्री ने बताया कि छाता में शुगर मिल का प्रस्ताव स्वीकृत हो चुका है और इसके लिए धनराशि भी आवंटित की जा चुकी है। अब टेंडर की प्रक्रिया पूरी होना बाकी है।

भाजपा नेता चौधरी दिगंबर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री ने छाता में केवल चीनी मिल ही नहीं, बल्कि शुगर कॉम्प्लेक्स विकसित करने का आश्वासन दिया है। इसमें चीनी के साथ एथेनॉल और अन्य उत्पादों के निर्माण की व्यवस्था किए जाने की बात कही गई है।

आंदोलन से बढ़ रही राजनीतिक गर्मी

छाता शुगर मिल का मुद्दा इन दिनों छाता विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक रूप से चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है। मिल को चालू कराने की मांग को लेकर धरना लगातार जारी है। आंदोलन में किसानों, युवाओं और स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ती जा रही है। क्षेत्र के स्थानीय नेता भी अब आंदोलन से जुड़ने लगे हैं।

21 अगस्त को हुई महापंचायत में बड़ी संख्या में किसानों और स्थानीय लोगों ने मिल को दोबारा शुरू कराने की मांग उठाई थी। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर आंदोलन की प्रमुख मांगों को सरकार के सामने रखा।

प्रतिनिधिमंडल में पंडित जगदीश सोपानिया, चौधरी दिगंबर सिंह और जबर प्रधान कोटवन सहित अन्य लोग शामिल रहे।

अब किसानों और स्थानीय लोगों की नजर टेंडर प्रक्रिया पूरी होने और शुगर कॉम्प्लेक्स के निर्माण की दिशा में सरकार की अगली कार्रवाई पर है।