
अमेठी/प्रतापगढ़। राजकीय मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल में प्रसव के बाद 29 वर्षीय प्रसूता की मौत से परिजनों में आक्रोश फैल गया। गुस्साए परिजनों ने अस्पताल परिसर में शव रखकर हंगामा किया और चिकित्सकों व अस्पताल कर्मियों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया।
जानकारी के अनुसार अमेठी जिले के संग्रामपुर थाना क्षेत्र के अम्मरपुर गांव निवासी संगीता (29) को प्रसव पीड़ा होने पर राजकीय मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के मुताबिक अस्पताल में प्रसूता ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। प्रसव के बाद कुछ समय तक उसकी हालत सामान्य बताई गई, लेकिन अचानक तबीयत बिगड़ने लगी।
परिजनों का आरोप है कि स्थिति गंभीर होने के बावजूद समय रहते उचित उपचार नहीं मिल सका। हालांकि चिकित्सकों की ओर से प्रसूता को बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई।
संगीता की मौत की खबर मिलते ही अस्पताल में परिजनों के बीच अफरा-तफरी मच गई। बड़ी संख्या में पहुंचे परिजनों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और शव को अस्पताल परिसर में रखकर विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों का कहना था कि यदि समय रहते बेहतर उपचार मिलता तो प्रसूता की जान बचाई जा सकती थी।
पुलिस ने संभाली स्थिति
हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और आक्रोशित परिजनों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। काफी देर तक चले विरोध के बाद अधिकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद स्थिति सामान्य हो सकी।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि प्रसूता की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जांच कराई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस भी मामले की पड़ताल में जुटे हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों और उनके परिजनों में भी चिंता का माहौल देखा गया।
फिलहाल प्रसूता की मौत के कारण और इलाज में लापरवाही के आरोपों की पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।