अड़ींग पंचायत घोटाला जांच के बीच सचिव का तबादला, ग्रामीणों ने उठाए सवाल



मथुरा। गोवर्धन क्षेत्र की अड़ींग ग्राम पंचायत में 39 करोड़ रुपये की परफॉर्मेंस ग्रांट में कथित घपलों की जांच शुरू होने से पहले ही पंचायत सचिव यतिन शर्मा के तबादले की खबर ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि जांच को प्रभावित करने के उद्देश्य से यह तबादला कराया गया है।जानकारी के अनुसार, लोकायुक्त के आदेश पर आगरा मंडल स्तर पर तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की जा चुकी है। वहीं डीएम मथुरा के निर्देश पर एसडीएम न्यायिक छाता के नेतृत्व में जिला स्तरीय तीन सदस्यीय जांच टीम भी बनाई गई है। हालांकि दोनों जांच समितियों ने अभी गांव में जांच शुरू भी नहीं की है कि सचिव के तबादले की चर्चा गांव में तेजी से फैल गई।बताया जा रहा है कि यतिन शर्मा की जगह मनीष भंडारी को अड़ींग ग्राम पंचायत में तैनात किए जाने की तैयारी है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे समय में सचिव का स्थानांतरण कई सवाल खड़े करता है, जब पंचायत में वित्तीय अनियमितताओं और करोड़ों रुपये के उपयोग को लेकर जांच चल रही है।गौरतलब है कि पंचायत में कथित घपलों और उपेक्षा से नाराज बहुसंख्यक सदस्यों ने 17 फरवरी को ही अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था। इसके बावजूद पंचायत में अभी तक प्रशासक की नियुक्ति नहीं की गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस स्थिति का फायदा उठाकर पंचायत से धनराशि निकालने की कोशिश की जा रही है।सूत्रों के मुताबिक, सदस्यों के इस्तीफे के बाद तैनात सचिव ने शासनादेश के अनुपालन में धन निकासी पर रोक लगा दी थी। वहीं 30 मार्च को इस्तीफे जिला पंचायत अध्यक्ष के अवलोकन के लिए भेजे गए थे, लेकिन अब तक उन पर कोई निर्णय नहीं हुआ है।ग्रामीणों ने सचिव के तबादले को लेकर लोकायुक्त, मुख्य सचिव, मंडलायुक्त आगरा और डीएम मथुरा को ईमेल के जरिए शिकायत भेजी है। उनका आरोप है कि एक जनप्रतिनिधि के दबाव में जांच को प्रभावित करने के लिए यह कदम उठाया गया है।