Helicopter Hijack Case: फ्लोरिडा में मेडिकल हेलीकॉप्टर चुराने की कोशिश के आरोप में गिरफ्तार युवक

नई दिल्ली/अमर भारती। अमेरिका के फ्लोरिडा राज्य से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां सड़क दुर्घटना के एक आरोपी ने घायलों को बचाने के लिए बुलाए गए मेडिकल हेलीकॉप्टर को ही हाईजैक (Helicopter Hijack Case) करने का प्रयास कर दिया। हालांकि पुलिस की सतर्कता के चलते उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 28 वर्षीय रिले फेरर शुक्रवार देर रात हर्नांडो काउंटी में इंटरस्टेट-75 हाईवे पर अपनी पिकअप ट्रक चला रहा था। इसी दौरान उसने वाहन से नियंत्रण खो दिया, जिससे एक अन्य वाहन दुर्घटना का शिकार हो गया। हादसे में दूसरे वाहन में सवार दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायलों को एयरलिफ्ट करने पहुंचा था हेलीकॉप्टर
दुर्घटना के बाद बचाव दल ने गंभीर रूप से घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाने के लिए मेडिकल हेलीकॉप्टर बुलाया। जब बचावकर्मी मरीजों को हेलीकॉप्टर में सुरक्षित बैठाने की प्रक्रिया पूरी कर रहे थे, तभी आरोपी रिले फेरर अचानक हेलीकॉप्टर में घुस गया और उसे लेकर भागने की कोशिश करने लगा। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में ले लिया।
‘एंटी-क्राइस्ट’ देखने का दावा
अधिकारियों के अनुसार, दुर्घटना के बाद आरोपी का व्यवहार बेहद असामान्य था। उसने पुलिस से दावा किया कि हादसे से कुछ क्षण पहले उसने “एंटी-क्राइस्ट” को देखा था। वह घटनास्थल पर पुलिस के सवालों का जवाब भी नहीं दे रहा था। इतना ही नहीं, उसने मेडिकल जांच के लिए अस्पताल जाने से भी इनकार कर दिया। बाद में सुरक्षा कर्मियों को उसे जबरन अस्पताल ले जाना पड़ा।
जेल में भी करता रहा विरोध
डॉक्टरों द्वारा चिकित्सकीय रूप से स्वस्थ घोषित किए जाने के बाद आरोपी को हर्नांडो काउंटी डिटेंशन सेंटर भेजा गया। अधिकारियों ने बताया कि जेल पहुंचने के बाद भी उसने पुलिसकर्मियों के साथ सहयोग नहीं किया और लगातार विरोध करता रहा।
गंभीर धाराओं में मामला दर्ज
रिले फेरर के खिलाफ पुलिस कार्य में बाधा डालने और बिना हिंसा के पुलिस का विरोध करने के तीन मामले दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा हेलीकॉप्टर में जबरन घुसने और उसे ले जाने की कोशिश को लेकर वाहन में सेंधमारी का गंभीर आरोप भी लगाया गया है। जेल रिकॉर्ड के अनुसार पुलिस विरोध से जुड़े मामलों में 3,000 डॉलर का बॉन्ड तय किया गया है, जबकि सेंधमारी के मामले में उसे बिना बॉन्ड के हिरासत में रखा गया है। फिलहाल दुर्घटना में घायल दोनों लोगों की स्थिति को लेकर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक अपडेट जारी नहीं किया गया है।
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