
लखीमपुर खीरी, 16 अप्रैल। बांकेगंज विकास खंड के ग्राम पंचायत ग्रन्ट नंबर-10 में खाद के गड्ढों पर अवैध कब्जे को लेकर हुए विवाद के बाद जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने सख्त कार्रवाई करते हुए ग्राम प्रधान के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए हैं। 14 अप्रैल को हुए घटनाक्रम में उग्र भीड़ द्वारा पुलिस और प्रशासनिक टीम पर हमले तथा सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में प्रधान की भूमिका संदिग्ध पाई गई है।प्रशासन की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि ग्राम पंचायत स्तर पर भूमि प्रबंधन से जुड़े दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरती गई। प्रधान श्रीमती विजय लक्ष्मी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन निर्धारित समय में कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। उपजिलाधिकारी, गोला द्वारा भेजी गई रिपोर्ट में भी घटना में उनकी संलिप्तता के संकेत मिले, जिसके बाद उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम 1947 की धारा 95(1)(छ) के तहत यह कार्रवाई की गई।जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ग्राम पंचायत के कार्यों के संचालन में कोई बाधा न आए। इसके लिए खंड विकास अधिकारी बांकेगंज को तीन सदस्यीय समिति गठित करने का प्रस्ताव तत्काल भेजने को कहा गया है, जो अस्थायी रूप से पंचायत के कार्यों का संचालन करेगी।मामले की विस्तृत जांच के लिए अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) को जांच अधिकारी नामित किया गया है। उन्हें 15 दिनों के भीतर सभी साक्ष्यों के साथ अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं भूमि से जुड़े तथ्यों की जांच के लिए तहसीलदार सदर को भी सहयोग के निर्देश दिए गए हैं।प्रशासन ने साफ किया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ और सरकारी कार्यों में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।