5 दिन की ट्रेनिंग के बाद 122 पुलिसकर्मी संभालेंगे हाई-प्रोफाइल सुरक्षा की जिम्मेदारी

रिपोर्ट: प्रवेश सिंह, वाराणसी
डिजिटल डेस्क, अमर भारती। वाराणसी में वीवीआईपी सुरक्षा प्रशिक्षण से सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिली है।धार्मिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से देश के सबसे महत्वपूर्ण शहरों में शामिल वाराणसी में लगातार बढ़ रहे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों को देखते हुए कमिश्नरेट पुलिस ने वाराणसी वीवीआईपी सुरक्षा प्रशिक्षण के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक आधुनिक एवं प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। पांच दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुक्रवार को पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल की अध्यक्षता में समापन हुआ। इस दौरान 122 पुलिसकर्मियों, जिनमें उपनिरीक्षक और आरक्षी शामिल थे, को आधुनिक सुरक्षा तकनीकों, आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की रणनीति तथा व्यवहारिक कौशल का विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
बदलती चुनौतियों के अनुरूप तैयार किए गए पुलिसकर्मी
वाराणसी वीवीआईपी सुरक्षा प्रशिक्षण के समापन समारोह में पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान समय में वीवीआईपी सुरक्षा की चुनौतियां पहले की तुलना में कहीं अधिक जटिल हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि केवल पारंपरिक सुरक्षा व्यवस्था अब पर्याप्त नहीं है। आधुनिक तकनीक, त्वरित निर्णय क्षमता, सतर्कता, अनुशासन, मानसिक संतुलन और व्यवहारिक दक्षता को अपनाकर ही किसी भी संवेदनशील सुरक्षा व्यवस्था को सफल बनाया जा सकता है।
उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त सभी पुलिसकर्मियों से आह्वान किया कि वे यहां अर्जित ज्ञान और अनुभव का उपयोग करते हुए कमिश्नरेट वाराणसी की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं विश्वसनीय बनाएं।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों को देखते हुए आयोजित हुआ प्रशिक्षण
वाराणसी वीवीआईपी सुरक्षा प्रशिक्षण का आयोजन शहर में लगातार होने वाले बड़े आयोजनों और वीवीआईपी मूवमेंट को ध्यान में रखकर किया गया। वाराणसी में प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, राज्यपाल, केंद्रीय मंत्रियों, न्यायपालिका के वरिष्ठ अधिकारियों, विदेशी प्रतिनिधिमंडलों तथा विभिन्न देशों के राजनयिकों का नियमित आगमन होता रहता है। इसके अलावा काशी विश्वनाथ धाम, गंगा आरती और अन्य धार्मिक आयोजनों में भी बड़ी संख्या में विशिष्ट अतिथि पहुंचते हैं।
इन्हीं आवश्यकताओं को देखते हुए कमिश्नरेट पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को अधिक पेशेवर, गोपनीय और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के उद्देश्य से इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया।
आधुनिक सुरक्षा तकनीकों का दिया गया व्यापक प्रशिक्षण
पांच दिनों तक चले वाराणसी वीवीआईपी सुरक्षा प्रशिक्षण में विशेषज्ञ अधिकारियों और प्रशिक्षकों ने पुलिसकर्मियों को सुरक्षा से जुड़े लगभग सभी महत्वपूर्ण विषयों पर सैद्धांतिक और व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया।
प्रशिक्षण के दौरान वीआईपी सुरक्षा की विभिन्न श्रेणियां, पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) की जिम्मेदारियां, रिंग राउंड टीम टैक्टिक्स, थ्रेट प्रोटेक्शन, एडवांस सिक्योरिटी लाइजनिंग (ASL), एक्सेस कंट्रोल, कंटिजेंसी प्लान, चेकिंग और फ्रिस्किंग की मानक प्रक्रिया, कूपर कलर कोड प्रणाली, ड्रोन एवं एंटी-ड्रोन सिस्टम, वीआईपी फ्लीट संचालन, एस्कॉर्ट मैनेजमेंट तथा आपदा के दौरान सुरक्षा प्रबंधन जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई।
इसके साथ ही साइबर सुरक्षा, डिजिटल खतरों से बचाव, बॉडी लैंग्वेज, ड्रेस कोड, आतंकवादी एवं नक्सली संगठनों की कार्यप्रणाली, पूर्व की सुरक्षा घटनाओं का विश्लेषण, फर्स्ट एड तथा वीआईपी जनसभा, रोड शो और यात्रा सुरक्षा संबंधी व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया।

सीबीसीटी प्रशिक्षण ने बढ़ाई मानसिक मजबूती
वाराणसी वीवीआईपी सुरक्षा प्रशिक्षण का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा पिरामल फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय कॉग्निटिवली बेस्ड कम्पैशन ट्रेनिंग (CBCT) रहा।
इस प्रशिक्षण का उद्देश्य पुलिसकर्मियों को केवल शारीरिक रूप से नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी मजबूत बनाना था। इसमें मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन, भावनात्मक संतुलन, आत्म-जागरूकता, सहानुभूति, करुणा आधारित व्यवहार और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सकारात्मक सोच विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया।
अधिकारियों के अनुसार, इस प्रकार का प्रशिक्षण पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता, नेतृत्व क्षमता और जनोन्मुखी पुलिसिंग को नई मजबूती प्रदान करता है। साथ ही आम नागरिकों के प्रति संवेदनशील और मानवीय व्यवहार विकसित करने में भी यह प्रशिक्षण महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

सादे कपड़ों में निभाएंगे विशेष सुरक्षा की जिम्मेदारी
वाराणसी वीवीआईपी सुरक्षा प्रशिक्षण पूरा करने वाले सभी 122 प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों को आगामी वीवीआईपी कार्यक्रमों, धार्मिक आयोजनों, संवेदनशील दौरों और अन्य महत्वपूर्ण आयोजनों में सादे वस्त्रों में विशेष सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात किया जाएगा।
इस व्यवस्था से सुरक्षा एजेंसियों को संदिग्ध गतिविधियों पर अधिक प्रभावी निगरानी रखने में मदद मिलेगी और सुरक्षा घेरा पहले से अधिक मजबूत होगा।
इसके अलावा 30 महिला उपनिरीक्षकों को विशेष रूप से ब्लेजर ड्यूटी के लिए चिन्हित किया गया है। ये महिला अधिकारी महिला वीआईपी अतिथियों की सुरक्षा, संवेदनशील स्थलों की निगरानी और विशेष आयोजनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
आधुनिक पुलिसिंग की दिशा में कमिश्नरेट का बड़ा कदम
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने कहा कि कमिश्नरेट वाराणसी लगातार आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक सोच और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण के माध्यम से पुलिस बल को अधिक सक्षम बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी समय-समय पर ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि पुलिसकर्मी हर चुनौती का सामना पूरी दक्षता और आत्मविश्वास के साथ कर सकें।
उन्होंने कहा कि वाराणसी वीवीआईपी सुरक्षा प्रशिक्षण केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं बल्कि आधुनिक, तकनीकी रूप से सक्षम, अनुशासित और जनसेवा के प्रति समर्पित पुलिस बल तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। आने वाले समय में यही प्रशिक्षित पुलिसकर्मी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत, प्रभावी और विश्वसनीय बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे। (Expose India)
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