तारापीठ होटल अग्निकांड: 9 मौतें, मेघालय के एक परिवार के 5 लोग शामिल; मुख्य मालिक की तलाश

तारापीठ होटल अग्निकांड में 9 मौतें, सह-मालिक गिरफ्तार, मुख्य मालिक फरार

तारापीठ के होटल ‘बिदेशिनी’ में अग्निकांड के बाद जांच में जुटी पुलिस।
तारापीठ के होटल ‘बिदेशिनी’ में अग्निकांड के बाद जांच में जुटी पुलिस।

डिजिटल डेस्क, बीरभूम। पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के तारापीठ में हुए भीषण तारापीठ होटल अग्निकांड में मृतकों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है। हादसे के बाद पुलिस ने होटल ‘बिदेशिनी’ के सह-मालिक कल्याण पॉल को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि फरार चल रहे मुख्य मालिक तपस पॉल की तलाश में बड़े पैमाने पर छापेमारी की जा रही है। मृतकों में मेघालय के एक ही परिवार के पांच श्रद्धालु भी शामिल हैं, जो मां तारा के दर्शन के लिए तारापीठ पहुंचे थे।

तारापीठ होटल अग्निकांड में 9 लोगों की मौत

सोमवार सुबह तारापीठ के होटल ‘बिदेशिनी’ में भीषण आग लग गई। घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है। 17 अगस्त की शाम तक आठ लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी। इनमें मेघालय के एक ही परिवार के पांच लोग शामिल थे, जो प्रसिद्ध मां तारा मंदिर में पूजा-अर्चना करने पहुंचे थे।

इसके बाद जलपाईगुड़ी जिले के धूपगुड़ी निवासी राजेश शर्मा की भी मौत हो गई। वह रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में इलाज करा रहे थे।

होटल के मुख्य मालिक तपस पॉल की तलाश तेज

हादसे के बाद होटल ‘बिदेशिनी’ के मुख्य मालिक तपस पॉल फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए मंगलवार को बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया है।

वहीं तपस पॉल के बेटे और होटल के सह-मालिक कल्याण पॉल को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। उसे मंगलवार को बीरभूम की जिला अदालत में पेश किया जाएगा। मामले में आगे की पूछताछ के लिए सरकारी वकील उसकी पुलिस हिरासत की मांग करेंगे।

निकास द्वार को लेकर अलग-अलग दावे

कल्याण पॉल पर आरोप है कि हादसे के तुरंत बाद आग से हुई मौतों के कारण को लेकर उसने जांचकर्ताओं को गुमराह करने की कोशिश की। कल्याण ने दावा किया था कि घबराहट के कारण होटल में ठहरे लोग पीछे की ओर मौजूद निकास द्वार तलाश नहीं सके और रिसेप्शन की तरफ भागे, जहां कई लोग आग की चपेट में आ गए।

हालांकि, होटल में ठहरे कई लोगों ने दावा किया कि पीछे का निकास द्वार बंद था। उनका कहना था कि इसी वजह से लोगों को बाहर निकलने के लिए रिसेप्शन की ओर भागना पड़ा।

फोरेंसिक टीम ने जुटाए नमूने

बीरभूम जिला पुलिस ने मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए केस दर्ज किया है। जिला पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक, फोरेंसिक टीम ने होटल की समग्र सुरक्षा व्यवस्था की जांच के लिए नमूने एकत्र किए हैं।

पुलिस ने भी अपने स्तर पर मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे की परिस्थितियों और होटल की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।

तारापीठ के दूसरे होटलों की भी होगी जांच

तारापीठ होटल अग्निकांड के बाद इलाके के अन्य होटल और आवासीय प्रतिष्ठानों में भी बिजली और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की जांच की जाएगी।

जांच के दौरान बिजली की वायरिंग, डिस्ट्रीब्यूशन बोर्ड, मीटर, अर्थिंग और स्वीकृत विद्युत भार की जांच होगी। इसके अलावा अग्निशमन यंत्र, हाइड्रेंट, पंप, पानी की टंकियां, होज रील, फायर अलार्म, आपातकालीन रोशनी और धुआं पहचानने वाली प्रणालियों को भी जांच के दायरे में रखा जाएगा।

निकास और आपातकालीन रास्तों की भी होगी जांच

अधिकारियों द्वारा यह भी देखा जाएगा कि किसी आपात स्थिति में होटल और अन्य प्रतिष्ठानों में मौजूद मेहमानों के सुरक्षित बाहर निकलने के लिए पर्याप्त निकास मार्ग, सीढ़ियां और आपातकालीन रास्ते मौजूद हैं या नहीं।

इसके साथ ही यह भी सत्यापित किया जाएगा कि संबंधित प्रतिष्ठानों के पास अग्नि सुरक्षा से जुड़े सभी जरूरी प्रमाणपत्र और मंजूरियां मौजूद हैं या नहीं।

हादसे के बाद अन्य होटलों पर भी नजर

तारापीठ होटल अग्निकांड में नौ लोगों की मौत के बाद पुलिस की जांच तेज हो गई है। होटल के सह-मालिक कल्याण पॉल की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि मुख्य मालिक तपस पॉल की तलाश जारी है। साथ ही तारापीठ के अन्य होटलों में सुरक्षा व्यवस्था की जांच किए जाने की तैयारी है। (Expose India)

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