
लखनऊ, 2 सितंबर 2026। प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाने की तैयारी में है। दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने बताया कि आगामी 17 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री द्वारा कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना के पात्र दिव्यांगजनों को लाभान्वित किया जाएगा। इसके साथ ही प्रदेश के सभी 75 जिलों में मंडल और जिला स्तर पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
राज्यमंत्री नरेन्द्र कश्यप ने बुधवार को अपने सरकारी कार्यालय में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि सरकार दिव्यांगजनों के कल्याण और विकास पर बड़ी धनराशि खर्च कर रही है, लेकिन विभागीय योजनाओं की जानकारी आम जनता तक अपेक्षित स्तर पर नहीं पहुंच पा रही है। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक वितरण शिविर
मंत्री ने बताया कि 17 सितंबर को होने वाले मुख्य आयोजन के साथ प्रदेश के सभी 75 जिलों में बड़े कार्यक्रम होंगे। इनमें सांसद, विधायक, प्रभारी मंत्री, जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी और अन्य जनप्रतिनिधि शामिल होंगे।
चिन्हित पात्र लाभार्थियों को कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक वितरण शिविर आयोजित किए जाएंगे।
कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना के लिए चालू वित्तीय वर्ष में 3,840 लाख रुपये का बजट प्राविधानित है। प्रदेशभर में 989 चिन्हांकन शिविरों की तिथियां निर्धारित की गई हैं और पात्र दिव्यांगजनों के चिन्हांकन की प्रक्रिया जारी है। अब तक 27,300 पात्र दिव्यांगजन चिन्हित किए जा चुके हैं।
10.44 लाख लाभार्थियों को भेजी गई दिव्यांग पेंशन
समीक्षा के दौरान दिव्यांग पेंशन योजना की प्रगति की भी जानकारी दी गई। योजना के लिए 1,47,004.69 लाख रुपये का बजट प्राविधानित है। इसके सापेक्ष अब तक 31,210.57 लाख रुपये, यानी 21.23 प्रतिशत राशि खर्च की जा चुकी है और 10,44,022 लाभार्थियों को पेंशन भेजी जा चुकी है।
80 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले अनुमानित 2.05 लाख से 2.15 लाख लाभार्थियों को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना के तहत भारत सरकार के निर्देशों के अनुसार अब एसएनए स्पर्श मॉड्यूल के माध्यम से पेंशन भेजी जा रही है।
कुष्ठावस्था पेंशन की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी
मंत्री ने कुष्ठावस्था पेंशन योजना की प्रगति पर असंतोष व्यक्त किया। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में योजना के लिए 4,860 लाख रुपये का बजट आवंटित किया गया है। इसके सापेक्ष प्रथम त्रैमासिक में 25.33 प्रतिशत राशि खर्च करते हुए 13,734 लाभार्थियों को 1,231.17 लाख रुपये का भुगतान किया गया है।
नरेन्द्र कश्यप ने अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए और कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
1,125 मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल का लक्ष्य
निःशुल्क मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल योजना के तहत 600 लाख रुपये का बजट प्राविधानित किया गया है। प्रथम चरण में प्रदेश के सभी 75 जिलों के लिए प्रति जनपद 15 ट्राईसाइकिल के हिसाब से कुल 1,125 मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
वहीं, दिव्यांगजनों के पुनर्वास और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए संचालित दुकान निर्माण एवं संचालन योजना की प्रगति पर भी मंत्री ने अधिकारियों को तेजी लाने के निर्देश दिए। अब तक इस योजना से 237 दिव्यांगजन लाभान्वित हुए हैं।
350 तहसीलों में होगा योजनाओं का प्रचार
मंत्री ने विभागीय योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए प्रदेश की 350 तहसीलों, 18 मंडल मुख्यालयों और सात आकांक्षी जिलों—बहराइच, बलरामपुर, चंदौली, फतेहपुर, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर और सोनभद्र—में स्थायी होर्डिंग लगाने की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया का भी प्रभावी इस्तेमाल किया जाए। तकनीक के मौजूदा दौर में सोशल मीडिया जनता तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
बैठक में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव राजेश कुमार सिंह, निदेशक उमेश प्रताप सिंह, संयुक्त निदेशक विकास शर्मा, दिव्यांगजन सशक्तीकरण के संयुक्त निदेशक रणजीत सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।