जितन्द्र मिश्रा के अलावा राम मंदिर ट्रस्ट में तीन नए सदस्यों को भी मिली जगह

डिजिटल डेस्क, अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पहली बार मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO की नियुक्ति का फैसला किया है। ट्रस्ट ने वायु सेना के पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को इस जिम्मेदारी के लिए चुना है। वह इसी साल मई में पश्चिमी वायु कमान के कमांडिंग इन चीफ के पद से रिटायर हुए थे और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख थे।
ट्रस्ट की बैठक के बाद कार्यकारी महामंत्री कृष्ण मोहन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी जानकारी दी। यह फैसला ऐसे समय में हुआ है जब राम मंदिर में चढ़ावे में चोरी के मामले के बाद ट्रस्ट के स्तर पर कई अहम बदलाव किए गए हैं।

राम मंदिर ट्रस्ट ने पहली बार CEO पद पर की नियुक्ति
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर के प्रशासन और संचालन से जुड़ी व्यवस्था के लिए पहली बार CEO नियुक्त करने का फैसला किया है। इसके लिए चयन प्रक्रिया के बाद तीन नाम ट्रस्ट के सामने रखे गए थे।
कृष्ण मोहन के मुताबिक, 1 अगस्त 2026 को CEO की चयन समिति ने तीन नाम ट्रस्ट के सामने रखे। इनमें रिटायर्ड एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा, रिटायर्ड मेजर जनरल संजय पी विश्वासराव और श्रुति भारद्वाज शामिल थे। बुधवार को हुई ट्रस्ट की बैठक में इन नामों पर चर्चा के बाद जीतेंद्र मिश्रा के नाम पर सहमति बनी।
कृष्ण मोहन ने बताया कि जीतेंद्र मिश्रा देवरिया जिले से हैं और मध्यम वर्गीय परिवार से संबंध रखते हैं।
जीतेंद्र मिश्रा का वायुसेना में रहा लंबा करियर
एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा ने 6 दिसंबर 1986 को लड़ाकू विमान के पायलट के तौर पर भारतीय वायुसेना में प्रवेश किया था। 38 साल से अधिक लंबे सेवा करियर में उन्होंने कई महत्वपूर्ण कमांड और स्टाफ पदों पर काम किया।
पीआईबी के मुताबिक, जीतेंद्र मिश्रा ने 1 जनवरी 2025 को भारतीय वायुसेना की पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख का पद संभाला था। वह फाइटर कॉम्बैट लीडर और प्रायोगिक टेस्ट पायलट भी रहे हैं। उनके पास 3,000 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव है।
उनकी ट्रेनिंग पुणे स्थित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, बेंगलुरु स्थित एयर फोर्स टेस्ट पायलट स्कूल, अमेरिका के एयर कमांड एंड स्टाफ कॉलेज और ब्रिटेन के रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज में हुई है।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पश्चिमी वायु कमान की कमान
जीतेंद्र मिश्रा के करियर में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष के दौरान वह पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख थे।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर 26 अगस्त को एएनआई के साथ एक खास इंटरव्यू में जीतेंद्र मिश्रा ने अपनी तैयारियों और अभियान से जुड़े कई पहलुओं पर बात की थी।
उन्होंने बताया था कि 26 अप्रैल 2025 को पहलगाम हमले के बाद उसी दिन देर रात उन्होंने वायुसेना प्रमुख से फोन पर बात की थी और कहा था कि अगर सरकार सैन्य विकल्प को लेकर फैसला करती है तो वह अपने प्लान के साथ तैयार हैं।
उन्होंने यह भी कहा था कि सैन्य बल शांति के समय ही तैयारियां करते हैं और खुफिया जानकारी, अंतरिक्ष से मिली तस्वीरों तथा ग्राउंड इंटेलिजेंस के आधार पर हजारों लक्ष्यों की योजना तैयार रखी जाती है।
‘ठोस खुफिया जानकारी’ के आधार पर कार्रवाई की बात
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर जीतेंद्र मिश्रा ने कहा था कि अभियान के दौरान बेहद ठोस खुफिया जानकारियों पर भरोसा किया गया। उनके मुताबिक, यह जानकारी भी उपलब्ध थी कि किस इमारत में कितने लोग मौजूद हैं।
उन्होंने कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर के पहले दिन सरकार के निर्देश स्पष्ट थे कि आतंकवादी, उनके हैंडलर और उनके समर्थकों को सजा मिलनी चाहिए, न कि पाकिस्तान के आम लोगों को।
जीतेंद्र मिश्रा ने हमले के समय का जिक्र करते हुए बताया था कि 6-7 मई की दरमियानी रात करीब एक बजे हमला किया गया। उन्होंने कहा था कि स्थानीय लोगों वाले मदरसों को छोड़कर उन जगहों को ठोस खुफिया जानकारी के आधार पर निशाना बनाया गया, जहां आतंकवादी और उनके हैंडलर्स मौजूद थे।
राम मंदिर ट्रस्ट में हुए कई अहम बदलाव
CEO की नियुक्ति का फैसला ट्रस्ट में हुए अन्य संगठनात्मक बदलावों के साथ सामने आया है। मंदिर के चढ़ावे में चोरी के मामले के बाद 27 जून को ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
इसके बाद 6 जुलाई को हुई ट्रस्ट की बैठक में चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे को स्वीकार किया गया। उनकी जगह कृष्ण मोहन को अंतरिम महामंत्री बनाया गया था।
अब ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज को महामंत्री बनाया गया है। वहीं महेश भागचंदका कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालेंगे।
ट्रस्ट में तीन नए सदस्यों को भी मिली जगह
ट्रस्ट ने बोर्ड में तीन नए सदस्यों को भी शामिल किया है। इनमें अयोध्या से मदन मोहन पांडे, दिल्ली से महेश भागचंदका और शिकोहाबाद से निर्मला यादव शामिल हैं।

इस तरह CEO की नियुक्ति के साथ ट्रस्ट के संगठनात्मक स्तर पर भी कई बदलाव किए गए हैं। जीतेंद्र मिश्रा अब ट्रस्ट के पहले CEO के तौर पर अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे।
क्या होगा असर?
राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO के रूप में जीतेंद्र मिश्रा का चयन ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में एक महत्वपूर्ण बदलाव है। भारतीय वायुसेना में 38 साल से अधिक के करियर, पश्चिमी वायु कमान की कमान और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान निभाई गई भूमिका के बाद अब उनकी नई जिम्मेदारी श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के साथ होगी। (Expose India)
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