2027 में पाकिस्तान जाएंगे पीएम मोदी!

SCO की अध्यक्षता पाकिस्तान को, 30 बैठकें होंगी

पीएम मोदी पाकिस्तान जाएंगे 2027 SCO Summit
SCO की अध्यक्षता पाकिस्तान को मिलने के बाद पीएम मोदी के 2027 में इस्लामाबाद जाने पर सवाल

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। शंघाई सहयोग संगठन यानी SCO की अगली अध्यक्षता पाकिस्तान को सौंप दी गई है। बिश्केक में हुए फैसले के बाद अगले एक साल में SCO के करीब 30 बैठकें पाकिस्तान में आयोजित होंगी। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पीएम मोदी 2027 में SCO शिखर सम्मेलन के लिए पाकिस्तान जाएंगे?

फिलहाल इसका कोई आधिकारिक जवाब सामने नहीं आया है। हालांकि, भारत-पाकिस्तान संबंधों के मौजूदा हालात को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्लामाबाद जाने की संभावना कम दिखाई देती है।

SCO की अध्यक्षता पाकिस्तान को, 30 बैठकें होंगी

मंगलवार को बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन की अगली अध्यक्षता पाकिस्तान को सौंप दी गई। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस जिम्मेदारी को स्वीकार करते हुए कहा कि पाकिस्तान अपनी अध्यक्षता “विजन को कार्यरूप देना : कनेक्टिविटी, नवाचार और साझा समृद्धि” की थीम पर चलाएगा।

अगले एक साल के दौरान SCO के तहत करीब 30 बैठकें पाकिस्तान में होने वाली हैं। इनमें अधिकारियों, मंत्रियों और राष्ट्राध्यक्षों के स्तर की बैठकें शामिल हैं।

यही वजह है कि अब भारत की भागीदारी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। क्या भारतीय अधिकारी इन बैठकों में हिस्सा लेंगे और क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2027 में होने वाले SCO शिखर सम्मेलन के लिए पाकिस्तान की यात्रा करेंगे, इस पर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है।

क्या 2027 में पाकिस्तान जाएंगे पीएम मोदी?

पीएम मोदी के पाकिस्तान जाने का सवाल इसलिए भी अहम है क्योंकि भारत-पाकिस्तान संबंध लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं। ऐसे माहौल में इस्लामाबाद में होने वाले SCO शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री की व्यक्तिगत मौजूदगी को लेकर अभी से कयास लगाए जा रहे हैं।

हालांकि, अंतिम फैसला बाद में सामने आएगा। मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए पाकिस्तान में होने वाले शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी की भौतिक मौजूदगी की संभावना कम मानी जा रही है।

भारत ने इससे पहले भी SCO के मंच पर पाकिस्तान के साथ अपनी भागीदारी जारी रखी है। वर्ष 2024 में SCO के विदेश मंत्रियों की बैठक पाकिस्तान में हुई थी, जिसमें विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हिस्सा लेने के लिए पाकिस्तान का दौरा किया था।

भारत की SCO अध्यक्षता में पाकिस्तान भी पहुंचा था भारत

वर्ष 2023 में SCO की अध्यक्षता भारत के पास थी। उस समय भी दोनों देशों के संबंधों में तनाव था। इसके बावजूद पाकिस्तान के तत्कालीन विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो भारत आए और गोवा में SCO विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल हुए।

इसके बाद SCO शिखर सम्मेलन का आयोजन ऑनलाइन किया गया था। इसमें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने भी हिस्सा लिया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्ष 2015 से SCO के शिखर सम्मेलनों में हिस्सा लेते रहे हैं। हालांकि, वर्ष 2024 के अस्ताना शिखर सम्मेलन को छोड़कर उनकी भागीदारी और अलग-अलग वर्षों में शिखर सम्मेलन के प्रारूप में बदलाव रहा है। वर्ष 2020, 2021 और 2023 में आयोजन वर्चुअल मोड में हुआ था।

SCO के मंच पर मोदी और शहबाज की मुलाकात क्यों अहम?

वर्ष 2025 में तियानजिन और वर्ष 2022 में समरकंद में हुए SCO शिखर सम्मेलनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक ही मंच साझा किया था। हालांकि, दोनों नेताओं के बीच कोई औपचारिक या अनौपचारिक बातचीत नहीं हुई।

वर्ष 2015 में तस्वीर अलग थी। उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के ऊफा में हुए SCO शिखर सम्मेलन के दौरान पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से अलग से मुलाकात की थी। इसके बाद दोनों देशों के विदेश मंत्रियों और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के बीच भी बातचीत हुई थी।

2015 में अचानक पाकिस्तान पहुंचे थे पीएम मोदी

25 दिसंबर 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अचानक पाकिस्तान का दौरा किया था। इसके बाद वर्ष 2016 में सार्क शिखर सम्मेलन में उनके इस्लामाबाद जाने की चर्चा भी हुई थी।

लेकिन आतंकवादी हमलों को देखते हुए भारत और अन्य सदस्य देशों ने सार्क सम्मेलन में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद से सार्क संगठन की गतिविधियां ठंडी पड़ी हुई हैं।

पठानकोट हमले के बाद भारत ने आतंकवाद के मुद्दे पर अपना रुख और सख्त किया। सीमा पार आतंकवादियों को पाकिस्तान की ओर से मदद दिए जाने के आरोपों के बीच दोनों देशों के संबंध और तल्ख होते गए।

पाकिस्तान की SCO अध्यक्षता से बढ़ेगी कूटनीतिक हलचल

SCO की अध्यक्षता पाकिस्तान के हाथ में आने के बाद अगले एक साल में भारत और पाकिस्तान के बीच बहुपक्षीय मंच पर संपर्क के कई अवसर बनेंगे। करीब 30 बैठकों में दोनों देशों के अधिकारी और मंत्री शामिल हो सकते हैं।

हालांकि, भारत-पाकिस्तान के मौजूदा रिश्तों को देखते हुए इन बैठकों में भारत की भागीदारी किस स्तर पर होगी, यह महत्वपूर्ण सवाल बना रहेगा।

कूटनीतिक सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान सरकार SCO के आयोजन को बड़े स्तर पर करने की तैयारी कर रही है। पाकिस्तान को उम्मीद है कि अमेरिका के साथ संबंधों में सुधार, तुर्किये और सऊदी अरब के साथ मक्का रक्षा संधि और SCO के सफल आयोजन के जरिए वैश्विक मंच पर उसका कद बढ़ सकता है।

क्या है संभावनाएं?

SCO की अगली अध्यक्षता पाकिस्तान को मिलने के बाद 2027 में पीएम मोदी के पाकिस्तान जाने का सवाल सबसे अहम हो गया है। फिलहाल इस पर कोई अंतिम फैसला सामने नहीं आया है, लेकिन भारत-पाकिस्तान संबंधों की मौजूदा स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री की इस्लामाबाद यात्रा की संभावना कम दिखाई देती है। आने वाले महीनों में SCO की बैठकों में भारत की भागीदारी और पाकिस्तान के साथ संपर्क का स्वरूप इस सवाल का जवाब तय करेगा। (Expose India)

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