फिलीपींस के मिंडानाओ में 7.8 तीव्रता के भूकंप से 41 लोगों की मौत, 450 से अधिक घायल। इमारतें ढहीं, भूस्खलन और सुनामी अलर्ट के बाद भारी तबाही।

नई दिल्ली/अमर भारती। दक्षिण-पूर्व एशियाई देश फिलीपींस में 8 जून 2026 को मिंडानाओ द्वीप के तट पर आए 7.8 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने व्यापक तबाही मचा दी है। ताजा जानकारी के अनुसार, इस आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 41 तक पहुंच गई है, जबकि 450 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हजारों लोग बेघर होकर राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। भूकंप के तेज झटकों से कई बहुमंजिला इमारतें ढह गईं, सड़कें टूट गईं और पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई इलाकों में सुनामी की चेतावनी भी जारी की गई थी, जिससे तटीय क्षेत्रों में दहशत फैल गई।
मिंडानाओ में सबसे ज्यादा तबाही, कई इलाके कटे संपर्क से
आपदा प्रबंधन एजेंसियों के अनुसार, सबसे ज्यादा प्रभावित सारंगानी प्रांत है, जहां कई इलाके मुख्य भूमि से कट चुके हैं। यहां राहत और बचाव कार्य केवल हेलिकॉप्टर के जरिए ही संभव हो पा रहा है। लगातार आ रहे आफ्टरशॉक्स के कारण बचाव कार्यों में भी बाधाएं आ रही हैं। जनरल सैंटोस शहर और आसपास के क्षेत्रों में स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। कई अस्पतालों की इमारतों को नुकसान पहुंचने के कारण मरीजों का इलाज खुले आसमान के नीचे और अस्थायी टेंटों में किया जा रहा है।
अस्पतालों में अफरा-तफरी, खुले आसमान में इलाज
सारंगानी प्रांतीय अस्पताल की दीवारों में गंभीर दरारें आने के बाद इमारत को असुरक्षित घोषित कर दिया गया। इसके चलते सैकड़ों मरीजों को बाहर शिफ्ट करना पड़ा। कई स्थानों पर डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ अस्थायी शिविरों में इलाज कर रहे हैं। इसी संकट के बीच एक भावुक दृश्य भी सामने आया, जहां एक अस्पताल के बाहर खुले आसमान के नीचे एक युवा मां ने सुरक्षित रूप से एक बच्चे को जन्म दिया। इस घटना ने राहत कर्मियों और मौजूद लोगों को भावुक कर दिया।
भूस्खलन से बढ़ी तबाही, कई लोग मलबे में दबे
भूकंप के झटकों के बाद कई पहाड़ी इलाकों में भीषण भूस्खलन हुए हैं। ग्लान क्षेत्र में हुए एक बड़े भूस्खलन में कम से कम 13 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। बचाव दल खोजी कुत्तों और भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाने में जुटे हुए हैं। जनरल सैंटोस में एक ढही हुई ग्रोसरी स्टोर के मलबे में दो कर्मचारियों की तलाश जारी है। हालांकि लगातार समय बीतने के कारण अब यह अभियान ‘रेस्क्यू’ से अधिक ‘रिकवरी ऑपरेशन’ में बदलता दिख रहा है। भूकंप के दौरान तटीय क्षेत्रों में समुद्र के पानी में अचानक तेज हलचल देखी गई, जिसके बाद दो लोग लापता हो गए। कोस्ट गार्ड की टीमें हाई-स्पीड बोट्स के जरिए समुद्र में तलाशी अभियान चला रही हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल तबाही के वीडियो
भूकंप के दौरान के कई भयावह वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने पुष्टि की है। एक वीडियो में एक शॉपिंग मॉल की इमारत को देखते ही देखते गिरते हुए देखा जा सकता है। वहीं एक अन्य वीडियो में स्कूल के बच्चे भूकंप के झटकों के दौरान दहशत में नजर आते हैं।
सुनामी अलर्ट और बाद की स्थिति
भूकंप के तुरंत बाद फिलीपींस के साथ-साथ इंडोनेशिया, जापान और प्रशांत क्षेत्र के देशों में सुनामी अलर्ट जारी किया गया था। हालांकि बाद में खतरा टल गया और सभी चेतावनियां वापस ले ली गईं। जापान के तट पर हल्की 20 सेंटीमीटर ऊंची लहरें दर्ज की गईं, जिससे कोई नुकसान नहीं हुआ।
‘रिंग ऑफ फायर’ में स्थित फिलीपींस
फिलीपींस प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में स्थित है, जो दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में से एक माना जाता है। यहां अक्सर भूकंप और ज्वालामुखी गतिविधियां देखने को मिलती हैं। इससे पहले अक्टूबर 2025 में भी मिंडानाओ क्षेत्र में 7.4 और 6.7 तीव्रता के भूकंप आए थे, जिसमें कई लोगों की जान गई थी। लेकिन इस बार का 7.8 तीव्रता का भूकंप पिछले कई दशकों के सबसे विनाशकारी झटकों में से एक माना जा रहा है। फिलीपींस में आए इस शक्तिशाली भूकंप ने एक बार फिर प्राकृतिक आपदाओं के सामने इंसानी मजबूती की परीक्षा ले ली है। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं, लेकिन स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है।
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