महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवड़ के मोशी इलाके में वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट साइट पर निर्माणाधीन इमारत का हिस्सा ढह गया। मलबे में कई मजदूरों के फंसे होने की आशंका, राहत एवं बचाव अभियान जारी।

नई दिल्ली/अमर भारती। महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवड़ से बुधवार को एक बड़ी दुर्घटना की खबर सामने आई है। मोशी इलाके में निर्माणाधीन ‘वेस्ट-टू-एनर्जी’ प्रोजेक्ट साइट पर इमारत का एक हिस्सा अचानक ढह गया। हादसे के समय साइट पर बड़ी संख्या में मजदूर काम कर रहे थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मलबे के नीचे 15 से 20 मजदूरों के फंसे होने की आशंका है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया गया।
निर्माण कार्य के दौरान हुआ हादसा
यह परियोजना पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम (PCMC) द्वारा पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत विकसित की जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, निर्माण कार्य सामान्य रूप से चल रहा था, तभी अचानक इमारत का एक हिस्सा भरभराकर गिर पड़ा। हादसा इतना अचानक हुआ कि वहां मौजूद कई मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने राहत कार्य शुरू किया और प्रशासन को सूचना दी।
मौके पर पहुंचीं बचाव एजेंसियां
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, स्थानीय पुलिस, आपदा प्रबंधन विभाग और अन्य बचाव एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं। भारी मशीनों और विशेष उपकरणों की मदद से मलबा हटाने का काम युद्धस्तर पर जारी है। बचाव दल मलबे के नीचे फंसे लोगों तक जल्द से जल्द पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। घायलों को तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कई एम्बुलेंस घटनास्थल पर तैनात की गई हैं। गंभीर रूप से घायल लोगों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है।
वरिष्ठ अधिकारी कर रहे हैं निगरानी
पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं और राहत कार्य की लगातार निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि उनकी पहली प्राथमिकता सभी फंसे हुए मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालना है। प्रशासन ने आसपास के क्षेत्र को सुरक्षा कारणों से घेर लिया है ताकि बचाव अभियान में किसी तरह की बाधा न आए।
हादसे के कारणों की होगी जांच
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि निर्माणाधीन ढांचा किन कारणों से गिरा। प्रारंभिक स्तर पर तकनीकी खामी, निर्माण गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के पालन जैसे सभी पहलुओं की जांच की जाएगी। अधिकारियों ने कहा है कि बचाव अभियान पूरा होने के बाद विस्तृत तकनीकी जांच कराई जाएगी। यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित एजेंसियों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
प्रशासन ने अपील की है कि लोग अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। मलबा पूरी तरह हटने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कितने लोग प्रभावित हुए हैं और हादसे में कितनी जनहानि हुई है। फिलहाल पूरे क्षेत्र में राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
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