लखनऊ में बढ़ी गर्मी की तपिश ! 40 डिग्री तक पहुंच सकता है पारा, सुबह से ही तेज धूप का असर

लखनऊ। प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गर्मी का असर लगातार तेज होता जा रहा है। गुरुवार सुबह से ही तेज धूप निकलने के कारण लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार आज शहर का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 22 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। सुबह से ही लोग घर से बाहर निकलने में एहतियात बरतते नजर आ रहे हैं, वहीं दिन में झोंकेदार गर्म हवाएं लोगों की परेशानी बढ़ा सकती हैं।

बुधवार को भी सामान्य से अधिक रहा तापमान

इससे पहले बुधवार को लखनऊ का अधिकतम तापमान 39.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.1 डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 21.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.8 डिग्री ज्यादा था। आर्द्रता की बात करें तो अधिकतम आर्द्रता 54 फीसदी और न्यूनतम 15 फीसदी दर्ज की गई, जिससे गर्मी और अधिक महसूस हुई।

पिछले पांच दिनों में तापमान में तेज बढ़ोतरी

उत्तर प्रदेश में इन दिनों सामान्य मौसम के साथ गर्म पछुआ हवाओं का असर तेजी से देखने को मिल रहा है। पिछले पांच दिनों में अधिकतम तापमान में औसतन 8 से 10 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके चलते प्रदेश भर में तापमान सामान्य स्तर के आसपास या उससे अधिक पहुंच गया है।

40 डिग्री के पार जा सकता है तापमान, सावधानी बरतने की सलाह

मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक लखनऊ समेत प्रदेश के कई जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाने की संभावना है। ऐसे में लोगों को खासतौर पर दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने और जरूरी सावधानियां अपनाने की सलाह दी गई है।

कमजोर रह सकता है इस बार मानसून

मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि आगामी मानसून के दौरान अल-नीनो जैसी परिस्थितियां बनने की आशंका है, जो भारत में सामान्यतः कम बारिश का कारण बनती हैं। इसी के चलते मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश और लखनऊ में इस बार कुल मानसूनी वर्षा सामान्य से कम रहने की संभावना जताई है। यदि यह अनुमान सही साबित होता है, तो इसका असर खेती और जल संसाधनों पर भी पड़ सकता है।

वैश्विक मौसम कारकों का भी पड़ेगा असर

मौसम विभाग के दीर्घकालिक पूर्वानुमान के मुताबिक, साल 2026 में उत्तर प्रदेश में मानसून कमजोर रह सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, कई वैश्विक मौसम कारक इस बार बारिश को प्रभावित कर सकते हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि उत्तरी गोलार्द्ध और यूरेशिया में सर्दियों और बसंत के दौरान बर्फ का फैलाव सामान्य से कम रहा है।

हिंद महासागर और प्रशांत महासागर की स्थिति पर नजर

हिंद महासागर में फिलहाल तटस्थ स्थिति बनी हुई है, जो मानसून के अंत तक सकारात्मक रूप ले सकती है। वहीं प्रशांत महासागर में चल रही कमजोर ला-नीना स्थिति जून तक समाप्त होकर तटस्थ हो सकती है, जिससे मानसून के पैटर्न पर असर पड़ने की संभावना बनी हुई है।