
गोला गोकर्णनाथ। छोटी काशी कहे जाने वाले गोला गोकर्णनाथ से इस बार आस्था का ऐसा कारवां निकला, जिसने नगर के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया। नगर पालिका परिषद अध्यक्ष विजय शुक्ला रिंकू के नेतृत्व में 1035 श्रद्धालुओं को प्रभु श्रीरामलला के दर्शन कराने के लिए अयोध्या धाम ले जाया गया। 12 बड़ी बसों और कई चार पहिया वाहनों के साथ निकली यह यात्रा नगर में चर्चा का केंद्र बनी रही।
पालिकाध्यक्ष विजय शुक्ला रिंकू ने बताया कि चुनाव के दौरान उन्होंने नगर के वृद्धजनों और श्रद्धालुओं को नि:शुल्क धार्मिक यात्रा कराने का संकल्प लिया था। उसी वचन को निभाते हुए श्रीरामलला दर्शन यात्रा आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि यह केवल यात्रा नहीं, बल्कि श्रद्धा और सेवा का प्रयास है, जिससे नगरवासियों को भगवान श्रीराम के दरबार में दर्शन का सौभाग्य मिल सके।
यात्रा को सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के ट्रस्टी चंपत राय को श्रद्धालुओं की सूची भेजी गई थी। इसके बाद सभी श्रद्धालुओं के लिए अलग दीर्घा से दर्शन की व्यवस्था सुनिश्चित कराई गई। श्रद्धालुओं ने बिना किसी परेशानी के प्रभु श्रीरामलला के भव्य दर्शन किए और पूरे वातावरण में जय श्रीराम के उद्घोष गूंजते रहे।
अयोध्या पहुंचने पर श्रद्धालुओं के स्वागत और व्यवस्था में भी विशेष ध्यान रखा गया। अयोध्या नगर निगम की ओर से बड़ी बसों के प्रवेश की अनुमति दी गई, जबकि स्नान, विश्राम और भोजन की व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित थीं। दर्शन के बाद श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था गीता भवन, श्रीराम आश्रम और गोकुल भवन में कराई गई।
इस अवसर पर अयोध्या के महापौर गिरीश मणि, विश्व हिन्दू परिषद के प्रदेश प्रवक्ता शरद शर्मा तथा संत डॉ. जयराम दास वेदांती ने यात्रा की सराहना की। डॉ. जयराम दास वेदांती ने कहा कि गोला गोकर्णनाथ से निकली यह यात्रा सनातन संस्कृति के प्रति समर्पण और सामाजिक एकता का प्रेरणादायी उदाहरण है।
अयोध्या धाम में श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। विश्व हिन्दू महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष धीरेन्द्र प्रताप सिंह, गीता भवन के महंत अंजनी शरण दास और अन्य संत-महात्माओं ने श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया।
यात्रा के दौरान भोजन, जलपान, चिकित्सा और परिवहन की सभी व्यवस्थाएं नि:शुल्क रहीं। पूरी यात्रा को सफल बनाने के लिए कई निगरानी दल और चिकित्सकों की टीम लगातार सक्रिय रही। परिवहन व्यवस्था लवकुश अवस्थी और रविन्द्र कटियार ने संभाली, जबकि सुरक्षा व्यवस्था हिमांशु सिंह तोमर, विजय मिश्रा, अभिषेक यादव और तनिष्क के नेतृत्व में रही।
नगर के लोगों का कहना है कि गोला गोकर्णनाथ के इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को सामूहिक रूप से अयोध्या धाम ले जाकर दर्शन कराए गए हैं। इस यात्रा ने न सिर्फ श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव दिया, बल्कि नगर में सामाजिक एकता और धार्मिक उत्साह का भी नया संदेश दिया।